बाड़मेर

बारां न्यूज़: अतिक्रमण के कारण 150 फीट चौड़ा रास्ता घटकर कीचड़ में बदल गया, किसानों ने रखी अपनी मांगें

बारां, राजस्थान – बारां जिले के किशनगंज मुख्यालय के वार्ड 15 के गणेशजी खलिहान से होकर गुजरने वाला खैराई मार्ग, अतिक्रमण के चलते संकुचित हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह मार्ग पहले लगभग 100 से 150 फीट चौड़ा था, लेकिन लगातार अतिक्रमण और किसानों द्वारा रास्ते पर पानी छोड़ने के कारण अब यह मार्ग काफी सिकुड़ गया है।

इस मार्ग पर कीचड़ की भरमार और मार्ग की संकीर्णता के कारण न केवल दुपहिया वाहन उकत्साह से गुजरने में असमर्थ हो रहे हैं, बल्कि पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी ये रास्ता मुश्किल भरा हो गया है। ग्रामवासियों ने बताया कि पुराने समय में यह मार्ग जनजीवन के लिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि इससे कई गांवों को जोड़ने वाली यातायात सुविधा सहज और सुगम थी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमणकारियों ने धीरे-धीरे इस मार्ग के किनारे अपना कब्जा जमा लिया है, जिससे वास्तव में रास्ते की चौड़ाई प्रभावित हुई है। इसके अलावा, किसानों द्वारा बार-बार पानी छोड़ने से रास्ते में कीचड़ जमा हो जाना मार्ग पारगमन को और अधिक कठिन बना रहा है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को दैनिक आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

गांव के कुछ बुज़ुर्गों ने बताया कि इस मार्ग का महत्व दिन प्रतिदिन घटता जा रहा है, जो इलाके की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इस मार्ग की मरम्मत कराई जाए और अतिक्रमण खत्म कराकर इसका पुनः विस्तार किया जाए, ताकि लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

स्थानीय अधिकारियों ने इस समस्या को समझा है और कहा है कि जल्द ही इस मार्ग की समीक्षा कराई जाएगी तथा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ताकि ग्रामवासियों को आवागमन में होने वाली परेशानी से निजात मिल सके। साथ ही, प्रशासन ने ग्रामवासियों से आग्रह किया है कि वे भी इस दिशा में सहयोग करें और अतिक्रमण को बढ़ावा न दें।

अधिकांश ग्रामीण इस समस्या को लेकर गंभीर हैं और चाहते हैं कि जल्द से जल्द उचित समाधान निकाले जाएं। अतिक्रमण हटाने एवं मार्ग की सफाई के अलावा, ग्रामीण क्षेत्र में जल निकासी की उचित व्यवस्था भी आवश्यक बताई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी समस्या न दोबारा उत्पन्न हो। इससे न केवल स्थानीय जनता को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र की विकास यात्रा भी सुचारू रूप से चल सकेगी।

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