साइबर धोखाधड़ी: तहसीलदार बनकर किया फोन, खाते में डाले 10 रुपए और 3 एएनएम को लगा लाखों का चूना

बारां, राजस्थान। बारां जिले में साइबर ठगों का खेल लगातार जारी है। हाल ही में नाहरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले स्वास्थ्य केंद्र खेड़ली, बादीपुरा और सिमलोद की तीन महिला ANM साइबर ठगों के जाल में फंस गईं। ठगों ने सरकारी अधिकारी बनकर लगभग 2 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है।
सूत्रों के अनुसार, ठगों ने पहले महिलाओं को तहसीलदार होने का झांसा दिया और उनका भरोसा हासिल किया। इसके बाद उन्होंने 10 रुपए खाते में डालने का दावा कर उन्हें ट्रस्ट में लेने की कोशिश की। बाद में उन्होंने विभिन्न तरीकों से महिलाओं को मूर्ख बनाकर लाखों रुपए अपनी अंगुलियों पर नचा लिया।
परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बारां के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर अपराधियों ने सरकारी अधिकारियों का नाम लेकर लोगों को निशाना बनाया है। उन्होंने सभी नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर भरोसा न करने की अपील की है।
इस घटना से साफ पता चलता है कि जागरूकता के बावजूद भी लोग इस तरह के अपराधों के शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधों से बचने के लिए आवश्यक है कि लोग डिजिटल साक्षरता बढ़ाएं और अपने वित्तीय लेन-देन में सावधानी बरतें।
बारां जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी कर्मचारियों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध फोन या मैसेज को तुरंत अधिकारियों तक पहुंचाने का निर्देश दिया है। इस घटना ने सभी को साइबर महफूजता के महत्व की याद दिला दी है।
स्थानीय प्रशासन भी ऐसे मामलों को रोकने के लिए विभिन्न जागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने पर विचार कर रहा है। वह चाहते हैं कि लोगों को तकनीकी दुरुपयोग से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।



