चित्तौरगढ़

चित्तौड़गढ़ में 66 हजार से अधिक राशन कार्डधारकों का गेहूं वितरण रुका, E-KYC न कराने से भारी नुकसान, 1.14 लाख ने दिया हाथ खड़े

चित्तौड़गढ़, राजस्थान। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत गेहूं वितरण को लेकर चित्तौड़गढ़ जिले में चिंता का माहौल बन गया है। राज्य के राशन कार्डधारकों में से 66,809 उपभोक्ताओं ने अब तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, जिसके कारण इन उपभोक्ताओं का गेहूं वितरण फिलहाल बंद कर दिया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद भी कई उपभोक्ता ई-केवाईसी अपडेट कराने में असफल रहे हैं।

रसद विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य है और इसे पूरा न करने वालों को खाद्य सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित किया जाएगा। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “ई-केवाईसी के बिना राशन कार्डधारक योजना का लाभ नहीं उठा सकते। इस प्रक्रिया से उपभोक्ताओं को उनके अधिकार सुनिश्चित होते हैं और भ्रष्टाचार के तत्वों की रोकथाम भी होती है।”

हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर चलाई गई “Give Up” अभियान में भी चित्तौड़गढ़ जिले के 1.14 लाख से अधिक लोगों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए योजना का लाभ छोड़ने का निर्णय लिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। हालांकि, विभाग यह भी आश्वस्त करता है कि जो लोग वाकई जरूरतमंद हैं उन्हें योजना का लाभ बिना किसी बाधा के दिया जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार ई-केवाईसी ना कराने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें तकनीकी असुविधाएं, जागरूकता की कमी और भ्रष्टाचार से भय प्रमुख हैं। जिला प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियानों को तेज कर दिया है ताकि उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी कराना आसान और सरल लगे।

इस विषय पर राशन दुकानदारों की भी प्रतिक्रिया मिली है, जो बताते हैं कि कई बार उपभोक्ता दस्तावेजों की प्रतिलिपि जमा करने में असमर्थ होते हैं या उन्हें जरुरी सूचना नहीं मिल पाती। इसलिए विभाग ने मोबाइल कैंप लगाने और डिजिटल साक्षरता बढ़ाने का काम प्रारंभ किया है।

स्थानीय अधिकारियों ने आग्रह किया है कि सभी राशन कार्डधारक जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें ताकि वे खाद्य सुरक्षा योजना के तहत नियमित गेहूं प्राप्त कर सकें और किसी भी प्रकार की असुविधा से बच सकें। उन्होंने यह भी कहा कि योजना की घोषणा के अनुसार “Give Up” अभियान को भी सही मायने में समझकर व्यापक रूप से लागू किया जाए, जिससे सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो सके।

इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना की सफल संचालन के लिए डिजिटल प्रक्रिया को अपनाना अनिवार्य हो चुका है। चित्तौड़गढ़ जिले की इस स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही विभाग स्थिति सुधारने के लिए और सख्ती से कदम उठाएगा।

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