घर में भाई-बहन की शादी की चल रही थी तैयारी, तभी पुलिस ने पहुंचकर आधार कार्ड से किया बड़ा खुलासा

डूंगरपुर, भंडारी उप तहसील के नयागांव गोबर में बुधवार को प्रशासन और पुलिस की टीम ने एक बाल विवाह को रोक दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची टीम ने घर के आंगन में एक भाई और बहन की शादी की तैयारी देखी, जहां हल्दी की रस्म भी संपन्न हो चुकी थी। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए बच्चे के परिजनों को बाल विवाह नहीं कराए जाने के लिए प्रतिबंधित किया गया।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि नयागांव गोबर गांव में एक परिवार में दो बच्चों की शादी की तेजी से तैयारियां हो रही थीं। जांच में पता चला कि दोनों एक ही परिवार के भाई-बहन हैं, जो कानूनन संभव नहीं है। इस बड़े खुलासे के बाद प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप किया और शादी रोका।
पुलिस ने बताया कि आधार कार्ड के रिकॉर्ड से ही इस मामले की जड़ तक पहुंचा गया। परिवार की ओर से बाल विवाह कराना गैरकानूनी था, इसलिए कार्रवाई की गई। यह घटना बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता और सख्त निगरानी की आवश्यकता को दोबारा सामने लाती है।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की सूचना तंत्र प्रभावी साबित हुआ, जिससे समय पर इस अवैध कृत्य को रोका जा सका। अधिकारियों ने कहा कि वे बाल विवाह और बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन रोकने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
यह मामला ग्रामीण इलाकों में बाल विवाह की समस्या को उजागर करता है, जहां सामाजिक कुरीतियां अभी भी बच्चों के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं। सरकार और समाज के सभी वर्गों को मिलकर ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। बाल विवाह सिर्फ बच्चों के विकास और शिक्षा पर ही नहीं, बल्कि उनके जीवन के समग्र अधिकारों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
इस घटना के बाद प्रशासन ने गांव में और अधिक जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है, ताकि युवा पीढ़ी को उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य के महत्व को समझा सकें और बाल विवाह की घटनाओं को शून्य पर लाया जा सके।




