संपादक:लेखेन्द्र सिंह बंशीवाल
भरतपुर।रुदावल: तहसीलदार राकेश गिरी की कार्यशैली और अधीनस्थ स्टाफ के प्रति कथित असंवेदनशील व तानाशाही पूर्ण रवैये को लेकर क्षेत्र के पटवारियों और अधीनस्थ कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। परेशान कर्मचारियों ने एसडीएम विष्णु बंसल के जरिए जिला कलेक्टर भरतपुर को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी गंभीर समस्याएं बताई हैं।
जिला कलेक्टर को भेजे गए ज्ञापन में तहसीलदार रुदावल पर कई गंभीर आरोप लगाए गए
ज्ञापन में बताया कि ई-मित्र केंद्रों के जरिए आने वाले विरासत के नामांतरण आवेदनों में दस्तावेजों की कमी (अपूर्णता) होने के बावजूद तहसीलदार द्वारा पटवारियों पर जबरन और अनैतिक रूप से विरासत खोलने का दबाव बनाया जाता है। बिना किसी आपातकालीन स्थिति या विशेष परिस्थिति के भी राजकीय अवकाश के दिनों में कर्मचारियों पर तानाशाही पूर्ण तरीके से कार्य करने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना के कारण पटवारियों की कार्यशैली तो प्रभावित हो ही रही है। पीड़ित कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और तहसीलदार के इस तानाशाही रवैये से निजात दिलाते हुए उचित निस्तारण की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं पर विचार नहीं किया गया, तो आगामी दिनों में समस्त कर्मचारी उग्र कदम उठाते हुए पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस मौके पर पटवार संघ अध्यक्ष सुबोधकांत शर्मा, कानूनगो दीनदयाल शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, गिरदावर राजेश कुमार, शिवसिंह मीणा, पटवारी बलराम आदि रहे।




