सलूम्बर

राजस्थान: सलूंबर में 8 बच्चों की मौत, दिमागी बुखार की आशंका से उदयपुर संभाग में हड़कंप

उदयपुर, राजस्थान। सलूंबर क्षेत्र में हाल ही में हुई बच्चों की लगातार मौतों ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। कुल आठ बच्चों की हाल ही में मौत हुई है, जिनमें दिमागी बुखार की आशंका मुख्य वजह बताई जा रही है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर उदयपुर संभाग में व्यापक स्तर पर सर्वे और स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि मौतों के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सीधे तौर पर कदम उठाए हैं। बच्चों में दिमागी बुखार और अन्य बीमारियों की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। टीम प्रभावित इलाकों में जाकर मकान मकान सर्वे कर रही है और प्रभावित परिवारों का परीक्षण भी किया जा रहा है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, दिमागी बुखार एक गंभीर और तेजी से फैलने वाली बीमारी है, जिससे बच्चों की मृत्यु हो सकती है यदि इसका समय पर इलाज नहीं किया जाए। प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस बीमारी के लक्षणों की रिपोर्ट में इजाफा देखने को मिला है, इसलिए उदयपुर संभाग में अलर्ट जारी किया गया है।

स्थानीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने मृतक परिवारों को सांत्वना दी और उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि वे स्वच्छता बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध लक्षण के मामले में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि दिमागी बुखार से बचाव के लिए स्वच्छ पेयजल, उचित स्वच्छता एवं समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना होगा ताकि पानी और खाद्य सामग्री दूषित न हो।

स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि बच्चों में बुखार, सिर दर्द, उल्टी आदि लक्षण दिखने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच कराएं। अभी तक मौतों का कारण पूरी तरह पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संभावित दिमागी बुखार की आशंका को ध्यान में रखते हुए वे पूरी सतर्कता बरत रहे हैं।

यह घटना न केवल सलूंबर बल्कि पूरे उदयपुर संभाग के लिए चिंता का विषय बन गई है। प्रशासन ने कहा है कि वर्तमान स्थिति का पूरा विवरण एक सप्ताह के भीतर जारी किया जाएगा। साथ ही, इस गंभीर बीमारी से बचाव और नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।

आम जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सूचना व मार्गदर्शन का पालन करें। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर शिविर लगाये जा रहे हैं, जिसमें दिमागी बुखार की पहचान और रोकथाम के उपाय बताये जा रहे हैं।

उदयपुर संभाग में स्वास्थ्य विभाग की लगातार निगरानी और सक्रियता से उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जाएगा और बच्चों की जान बचाई जा सकेगी।

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