भीलवाड़ा

खटवाड़ा में अवैध गारनेट कारखाने पर छापा, 5 टन कीमती पत्थर और मशीन जब्त

भीलवाड़ा, राजस्थान। भीलवाड़ा जिले में खनन माफियाओं का बोलबाला और अवैध खनन की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा उदाहरण सोमवार को बीगोद थाना क्षेत्र के खटवाड़ा गांव में सामने आया। यहाँ खेतों के बीच छिपे हुए एक अवैध गारनेट (कीमती पत्थर) के कारखाने का भंडाफोड़ हुआ है।

बिजौलियां खनिज विभाग की टीम ने दबिश देते हुए इस गुप्त कारखाने से लगभग 5 टन अवैध गारनेट पत्थर जब्त किए हैं। इसके साथ ही पत्थरों को साफ करने के लिए इस्तेमाल की जा रही सेपरेटर मशीन भी टीम ने अपने कब्जे में ले ली है।

खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह अवैध कारखाना पिछले कुछ समय से संचालित हो रहा था और स्थानीय लोगों की सूचना पर टीम ने कार्रवाई की। विभाग ने इस मामले में एक आरोपी के खिलाफ बीगोद थाने में एफआईआर दर्ज कराई है और मामले की जांच जारी है।

अवैध खनन से न केवल सरकारी खनिज संसाधनों को क्षति पहुंचती है, बल्कि पर्यावरण को भी भारी नुकसान होता है। जिले में खनन माफियाओं के कारण कानूनी खनन गतिविधियाँ प्रभावित हो रही हैं और इस तरह की घटनाओं से स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि अवैध खनन एवं पत्थर कारखानों की मॉनिटरिंग कड़ी की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित अभियान चलाए जाएंगे। साथ ही आम जनता से भी आवाहन किया गया है कि वे इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की सूचना संबंधित विभाग को दें।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि जिले में अभी भी कई अवैध गारनेट कारखाने संचालित हो रहे हैं, जिन्हें बंद कराने के लिए विभाग पूर्ण रूप से सक्रिय है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक सतत प्रक्रिया है और हर स्तर पर सहयोग की आवश्यकता है ताकि खनिज संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

इस कार्रवाई के चलते खनन माफियाओं को एक बड़ा झटका लगा है, लेकिन प्रशासन सतर्क है और ऐसे गैरकानूनी कारोबार पर लगातार नकेल कसने की नीति पर काम कर रहा है। भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।

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