बूँदी

राजस्थान: ‘सर अभी मैं छोटी हूं.. प्लीज रुकवा दीजिए’, 10वीं की छात्रा ने लगाई गुहार

बूंदी, राजस्थान। जिले के एक ग्रामीण इलाके में रहने वाली एक 10वीं कक्षा की छात्रा ने अपने विवाह को रोकने की गुहार लगाई है। किशोरी ने जिला प्रशासन के अथॉरिटी से संपर्क कर बताया कि उसके परिवार ने लड़के वालों से 4 लाख रुपए लेकर 20 अप्रैल को उसकी शादी तय कर दी है, जबकि वह अभी पढ़ाई पूरी करना चाहती है।

छात्रा ने कहा कि ‘‘सर, अभी मैं छोटी हूँ, मेरी पढ़ाई अधूरी है। मेरी शादी होने से पहले मुझे मेरी पढ़ाई पूरी करना है।’’ शादी के डर से वह घर जाने से भी कतरा रही है। इस भयभीत अवस्था में उसने एडीएम से विवाह को टालने की विनती की है।

जिले में बाल विवाह की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने शीघ्र मामले की जांच करने का आश्वासन दिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस विभाग भी इस मामले में संलिप्त हैं। बाल विवाह को रोकने के लिए लगातार परियोजनाएं और नियम लागू किये जाते हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण मामलों को सामने आना चिंता का विषय बना हुआ है।

विशेषज्ञ कहते हैं कि बाल विवाह न केवल बालिका की पढ़ाई रोकता है, बल्कि उसकी मानसिक और शारीरिक सेहत पर भी गहरा असर डालता है। सरकार द्वारा बाल विवाह को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया गया है और ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जाती है।

प्रशासन ने बताया कि किशोरी की सुरक्षा और शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि उसकी इच्छा के विरुद्ध कोई फैसला न लिया जा सके। साथ ही परिवार के सदस्यों को भी बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाएगा।

यह मामला राजस्थान में बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई का एक नया उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहां किशोरियां अपने हक के लिए आवाज उठाना शुरू कर रही हैं। सामाजिक जागरूकता एवं प्रशासनिक प्रयासों से ही बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त किया जा सकता है।

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