डूंगरपुर : नाबालिग के साथ दुष्कर्म, बेसुध हालत में मिली पीड़िता, परिजनों की आंसू भरी आपबीती

डूंगरपुर, राजस्थान
डूंगरपुर जिले के ओबरी थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। जहां एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता लगभग 18 घंटे बाद थाना क्षेत्र के ही एक गांव के नजदीक बेसुध हालत में मिली, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने घर से अचानक लापता हो गई थी, जिस पर परिजन तुरंत उसकी तलाश में जुट गए। लगभग दो दिनों तक खोजबीन के बाद वह गांव के ही पास बेसुध अवस्था में मिली। मोबाइल फोन के माध्यम से इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने तुरंत लड़की को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
ओबरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। पुलिस अधिकारीयों ने बताया कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए छापेमारी और साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इस बीच पीड़िता और उसके परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई है।
स्थानीय लोगों ने इस घटना को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश जताया है। उन्होंने प्रशासन एवं पुलिस विभाग से इस प्रकार की घटनाओं पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है ताकि युवा बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
डूंगरपुर में ऐसी घटनाएं अक्सर सामने आ रही हैं, जिससे स्थानीय लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पुलिस की ओर से लगाते प्रयासों के बावजूद भी अपराधों पर पूर्ण रूप से नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ प्रभावी कानून व्यवस्था और पंचायत स्तर पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
परीक्षक एवं मानवाधिकार संगठनों ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए बेहतर सुरक्षा प्रबंधों की आवश्यकता जताई है। महिलाओं और बच्चियों के प्रति अपराध रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर बल दिया गया है।
यह घटना डूंगरपुर को सशंकित कर देने वाली साबित हुई है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी स्तर पर प्रयास जारी हैं। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी बताते हैं कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन ने भी कहा है कि वे पीड़िता के पुनर्वास एवं सुरक्षा हेतु सभी आवश्यक कदम उठाएंगे ताकि ऐसे नियोजित अपराधों की पुनरावृत्ति न हो सके। डूंगरपुर के नागरिक अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि न्याय का पहिया जल्द घूमेगा और सुरक्षा में सुधार होगा।



