बीकानेर

चालान पर सरकार की सख्ती: अब 50 प्रतिशत जुर्माना जमा किए बिना नहीं जा सकेंगे कोर्ट

बीकानेर, राजस्थान। यातायात नियमों के उल्लंघन पर कटने वाले चालान को लेकर सरकार ने एक महत्वपूर्ण और सख्त नियम लागू किया है। अब कोई भी वाहन चालक जब चालान के खिलाफ न्यायालय के समक्ष अपील या चुनौती प्रस्तुत करेगा, तो उसे कुल जुर्माने का कम से कम पचास प्रतिशत राशि कोर्ट में जमा करानी अनिवार्य कर दी गई है। यह नया प्रावधान 1 अप्रैल से प्रभाव में आने वाले नए वित्तीय वर्ष से लागू होगा।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह कदम चालान के खिलाफ झूठे या निराधार विवादों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि न्यायपालिका का समय और संसाधन व्यर्थ के मामलों से मुक्त हो सके। इसके तहत यदि कोई वाहन चालक इस शर्त का पालन किए बिना कोर्ट में अपील करता है, तो उसे सुनवाई का अवसर नहीं मिलेगा।

यातायात विभाग के अनुसार, इसका उद्देश्य चालान के पुनरावलोकन की प्रक्रिया को और पारदर्शी तथा सटीक बनाना है। साथ ही, इस व्यवस्था से जुर्माना वसूली की प्रक्रिया भी तेज और प्रभावी होगी। इससे वाहन चालकों में नियमों के प्रति सजगता बढ़ेगी और यातायात नियमों का पालन मजबूत होगा।

विभाग ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे इस नए नियम के बारे में पूरी जानकारी रखें और जो भी चालान जारी हो उसे नजरअंदाज न करें। साथ ही वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से नियमों का पालन करें तथा यदि कोई विवाद हो तो तय नियमों के तहत सही प्रक्रिया अपनाएं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न्यायपालिका की कार्यवाही को गति देने और यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक सकारात्मक पहल है। वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण यातायात सुधार अत्यंत आवश्यक है और इस प्रकार के कड़े नियमों से सड़क सुरक्षा में सुधार संभव है।

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