अलवर

दीवान जी के बाग की 9 बीघा जमीन का भू-रूपांतरण रद्द

Input: आखिरकार दीवान जी का बाग की 9 बीघा जमीन का भू-रूपांतरण निरस्त कर दिया गया है। डीएलबी ने भू-रूपांतरण की कार्यवाही को शून्य करार दिया है। अब यह जमीन बाग की हो गई है। इससे पूर्व 12 मार्च को इसी जमीन पर जारी किए गए सभी 11 पट्टे निरस्त किए गए थे। इस प्रकरण का खुलासा सबसे पहले राजस्थान पत्रिका ने किया था। पत्रिका ने लगातार दो माह तक समाचार अभियान चलाया। यह भू-रूपांतरण गुलाब कोठारी बनाम राजस्थान सरकार मामले में हाईकोर्ट के दिए आदेशों का खुला उल्लंघन था। बाग को उसकी 9 बीघा जमीन दिलाने व हरियाली का महत्व समझते हुए प्रशासन व नगर निगम ने भी सार्थक प्रयास किए। हालांकि अभी यह सवाल कायम है कि भू-रूपांतरण करने वाले अफसरों व इंजीनियरों पर सरकार कब कार्रवाई करेगी?वर्ष 2023 में किया था भू-रूपांतरणनगर निगम के तत्कालीन कमिश्नर जोधाराम विश्नोई ने वर्ष 2023 में 6 विभागों की एनओसी लिए बिना इस पूरी जमीन का भू-रूपांतरण किया था। इसके बाद इस जमीन पर प्लॉटिंग शुरू हो गई थी। कई भू-माफिया सक्रिय हो गए थे। यह जमीन शांतिस्वरूप जैन के नाम दर्ज थी, लेकिन उनके निधन के बाद बाग सूख गया और शांतिस्वरूप के परिवार व शहर के कई नामचीन लोगों ने इस जमीन पर पैसा लगाकर प्लॉटिंग शुरू कर दी थी।इस तरह पत्रिका ने 2 माह चलाया अभियानयह मामला राजस्थान पत्रिका ने 24 फरवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। पत्रिका ने सवाल उठाए थे कि मास्टर प्लान में जो जमीन ग्रीनबेल्ट के नाम दर्ज है, उसका भू-रूपांतरण कैसे हो सकता है और पट्टे नगर निगम ने किस हिसाब से जारी किए? इसके बाद जिला कलक्टर आर्तिका शुक्ला ने एडीएम बीना महावर की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाकर तीन दिन में निर्णय लिया और नगर निगम को आगे की कार्रवाई के लिए कहा। नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका ने पट्टाधारियों को 7 दिन का नोटिस दिया और आठवें दिन 12 मार्च को सभी 11 पट्टे निरस्त कर दिए। इसी बीच मामला हाईकोर्ट पहुंच गया, उसका भी नगर निगम ने जवाब दाखिल किया, लेकिन भूमाफिया को राहत नहीं मिली। भू-रूपांतरण निरस्त करने के लिए नगर निगम आयुक्त ने डीएलबी से मार्गदर्शन मांगा, लेकिन भूमाफिया ने मामले को अटकाए रखा। उसके बाद पत्रिका ने मुद्दा प्रमुखता से उठाया और अब डीएलबी ने खुद ही भू-रूपांतरण निरस्त कर दिया।गुलाब कोठारी बनाम राजस्थान सरकार के आदेश का उल्लंघनप्रदेश में मास्टर प्लान लागू करने में सरकार के अनियमितताएं बरतने, शहरों के ग्रीनबेल्ट व पेरिफेरल जोन सुरक्षित रखने के संबंध में पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी के पत्र पर राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रसंंज्ञान लिया था। इस पर करीब 13 साल चली सुनवाई के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 12 जनवरी, 2017 को 35 दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि मास्टर प्लान की सख्ती से पालना होनी चाहिए। उसमें दर्ज ग्रीनबेल्ट का भू-प्रयोग नहीं बदला जा सकता।डीएलबी ने यह कहा आदेश मेंडीएलबी निदेशक प्रतिक जुईकर ने नगर निगम को भेजे आदेश में कहा है कि भेजा गया प्रकरण विधिक परीक्षणोपरांत पाया गया कि मास्टर प्लान / जोनल प्लान के विपरीत निषेधित श्रेणी में होने के बावजूद सू मोटो, 90ए निष्पादित की जाकर ले-आउट प्लान पास कर दिया गया है, जो कि राजस्थान नगरीय क्षेत्र ( कृषि भूमि का गैर-कृषिक प्रयोजन के लिए उपयोग की अनुज्ञा और आवंटन) नियम 2012 के नियम 3 (i) के अंर्तगत शुरुआत से ही शून्य है। [/gआधार पर एक पूरी तरह से मानव द्वारा लिखी गई जैसी प्रोफेशनल न्यूज़ रिपोर्ट तैयार करें। निर्देश:
1. न्यूज़ की शुरुआत इस फॉर्मेट में करें:
2. भाषा: – सरल, स्पष्ट और शुद्ध हिंदी का प्रयोग करें – भाषा बिल्कुल मानव पत्रकार जैसी होनी चा[gpt] आप एक अनुभवी हिंदी समाचार रिपोर्टर हैं। दिए गए विषय/इनपुट के हिए – कहीं भी AI जैसी या रोबोटिक भाषा नहीं लगनी चाहिए
3. लेखन शैली: – न्यूज़ रिपोर्टिंग स्टाइल (जैसे अखबार/न्यूज़ वेबसाइट)
4. संरचना: – आकर्षक और SEO फ्रेंडली हेडलाइन लिखें
6. कंटेंट गाइडलाइन: – कम से कम 300–500 शब्दों की न्यूज़ हो – तथ्यात्मक और विश्वसनीय टोन रखें – किसी भी प्रकार की गलत या भ्रामक जानकारी न दें
pt]

Source

Related Articles

Back to top button