चित्तौरगढ़

चित्तौड़गढ़: 170 किमी प्रति घंटा की रफ्तार भी ‘स्टॉप स्टिक’ के सामने बेअसर, तस्करों की पल्सर हो रही पंचर

चित्तौड़गढ़, 25 अप्रैल – मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चित्तौड़गढ़ पुलिस ने अपनी कार्रवाई और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सफल उपयोग किया है। जिले में पुलिस द्वारा लगाए जाने वाले ‘स्टॉप स्टिक’ उपकरण ने 170 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से भाग रहे तस्करों के वाहनों की कमर तोड़ दी है। नतीजतन, तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई तेज हुई है और लाखों के मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं।

पिछले एक वर्ष के भीतर पुलिस ने करीब 20 से अधिक बार इस ‘स्टॉप स्टिक’ का उपयोग करते हुए नाकाबंदी के दौरान तस्करों के वाहनों को रोकने में सफलता प्राप्त की है। यह उपकरण वाहन के टायर में छेद या पंचर करता है, जिससे तेज गति से भाग रहे वाहन तुरन्त रुक जाते हैं और चालक पकड़े जा सकते हैं। इस तकनीक के कारण तस्करों के मन में अब पुलिस के सामने भागने का खौफ साफ दिख रहा है।

चित्तौड़गढ़ जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि “इस उपकरण के इस्तेमाल से तस्करों की हरकतें काफी हद तक प्रतिबंधित हुई हैं। पहले वे उच्च गति से भागकर पुलिस को चकमा देते थे, लेकिन अब स्टॉप स्टिक के कारण उनका वाहन पंचर हो जाता है जिससे वे पकड़ में आ जाते हैं। यह हमारी सुरक्षा टीम का एक बड़ा हथियार साबित हुआ है।”

पुलिस के मुताबिक, इस दौरान बरामद किए गए मादक पदार्थों की कुल कीमत करोड़ों में है। पुलिस ने इस अभियान को और भी तेज करने के लिए अतिरिक्त स्टॉप स्टिक उपकरणों की व्यवस्था की है ताकि सौ फीसदी सफलता सुनिश्चित की जा सके।

मतदाता, नागरिक और स्थानीय प्रशासन सभी इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं क्योंकि इस तकनीक ने चित्तौड़गढ़ में मादक पदार्थ तस्करी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पुलिस लगातार इलाकों में सतर्कता बढ़ा रही है और तस्करों के नेटवर्क को फोड़ने में जुटी है।

स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस के इस कदम की जमकर तारीफ की है और कहा कि इससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और युवा वर्ग को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाया जा रहा है।

अधिकारियों का मानना है कि तकनीक और सख्त कानून प्रवर्तन के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है, जिससे सामाजिक सुरक्षा और विकास की दिशा में बड़ा कदम बढ़ेगा।

अंततः, चित्तौड़गढ़ पुलिस की यह पहल अपराध नियंत्रण में नए आयाम स्थापित कर रही है, और आने वाले समय में भी लगातार ऐसे आधुनिक उपकरणों के उपयोग से तस्करी तथा अन्य अपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाई जाएगी।

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