डूंगरपुर : मामूली विवाद पर 13 वर्षीय लड़का घर छोड़कर गया, परिजन चिंतित, पुलिस ने किया खोज

डूंगरपुर। डूंगरपुर जिले के सागवाड़ार क्षेत्र में एक 13 वर्षीय बालक के लापता होने की खबर से परिवार में हड़कंप मच गया था। चार दिनों तक उसकी कोई सूचना नहीं मिली, लेकिन मंगलवार को बच्चे को पुलिस ने चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा से खोज निकाल कर उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
प्रशिक्षु आरपीएस पारसमल ने बताया कि यह बालक सातवीं कक्षा में पढ़ता है और आरबीएसई से सीबीएसई पैटर्न वाले स्कूल में उसका हाल ही में एडमिशन हुआ था। चार दिन पहले वह स्कूल जाना शुरू किया था। गुरुवार को स्कूल की छुट्टी के बाद वह स्कूल बस से घर आया, लेकिन घर पहुंचने के तुरंत बाद वह अचानक घर से निकल गया।
पुलिस के अनुसार, वह सबसे पहले सागवाड़ा बस स्टैंड पहुंचा और वहां से बांसवाड़ा जाने वाली बस में सवार हो गया। इसके बाद बांसवाड़ा बस स्टैंड से जयपुर जा रही रोडवेज बस में बैठ गया। पुलिस को यह सूचना मिली कि बच्चे ने बसों के माध्यम से कई स्थानों की यात्रा की थी।
पुलिस ने बालक की सूचना मिलने के बाद तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया था। स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ चित्तौड़गढ़ पुलिस ने मिलकर उसकी तलाश की और आखिरकार निम्बाहेड़ा क्षेत्र से बालक को सुरक्षित बरामद कर लिया। बालक को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। परिजन बालक के अचानक घर छोड़कर जाने को लेकर काफी परेशान थे।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि बालक किसी बड़ी समस्या के कारण नहीं बल्कि कुछ छोटी-सी बात को लेकर नाराज होकर घर से बाहर चला गया था। उन्होंने अभिभावकों से भी कहा है कि बच्चों से खुलकर बातचीत करें तथा उनके हर तरह के मनोवैज्ञानिक बदलाव पर ध्यान दें, ताकि भविष्य में इस तरह के मामले न आएं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों का मानसिक तनाव समझना बहुत आवश्यक होता है, खासकर पढ़ाई और दोस्ती के बीच आने वाले तनाव के समय। पुलिस और परिवार ने मिलकर बालक के इस अनुभव को एक सीख के रूप में लिया है और उसके भविष्य की बेहतर देखभाल के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
यह घटना न केवल डूंगरपुर में बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। इससे बच्चों की सुरक्षा, उनका मानसिक स्वास्थ्य और उनकी सही देखभाल की दिशा में जागरूकता बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।



