नाली विवाद से उत्पन्न संकट: 25 परिवारों ने छोड़ा घर, खेतों में लगे टेंट

देवगढ़। तहसील क्षेत्र की जीरण ग्राम पंचायत में स्थित दिवेर पुलिस थाना अंतर्गत रतना का गुड़ा गांव में जल निकासी को लेकर विवाद गंभीर रूप ले चुका है। स्थानीय लोगों द्वारा नाली पर मिट्टी डालकर पानी के बहाव को अवरुद्ध करने से हालात बिगड़ गए, जिससे कई घरों में पानी घुस गया। इस परिस्थिति की वजह से लगभग 25 परिवारों को अपने घर छोड़कर खेतों में टेंट लगाकर रहने पर मजबूर होना पड़ा।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, नाली विवाद से उत्पन्न यह संकट अचानक इतना विकट हो गया कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई। पानी के रिसाव को रोकने के लिए प्रशासनिक टीम ने तुरंत कदम उठाए, फिर भी नुकसान की भरपाई अभी भी एक चुनौती है।
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन की ओर से भीम डीएसपी राकेश वर्मा, तहसीलदार मनोज कुमार, देवगढ़ विकास अधिकारी गुलाब सिंह गुर्जर, सहायक अभियंता अनिल कुमार मीणा, दिवेर नायब तहसीलदार बाबुलाल, थानाधिकारी दौलत सिंह समेत पुलिस और राजस्व की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और विवाद को सुलझाने के लिए तेजी से कार्रवाई की।
इसके अलावा, जीरण ग्राम पंचायत के सरपंच प्रशासक चंद्रभान सिंह चुंडावत, आरआई आसिफ मोहम्मद और पटवारी भी मौके पर पहुंचे और वहां सीमांकन की प्रक्रिया पूरी की। प्रशासन ने विवादित नाली को साफ करने और जल निकासी व्यवस्था बेहतर बनाने की पहल शुरू कर दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रयास से विवाद फिलहाल शांत हुआ है, लेकिन स्थाई समाधान के लिए उन्हें प्रशासन से निरंतर सहयोग की आवश्यकता है। वे उम्मीद जताते हैं कि भविष्य में ऐसा संकट दोबारा नहीं होगा और शासन-प्रशासन समय रहते सुधारात्मक कदम उठाएगा।
यह घटना ग्रामीण जीवन की संवेदनशीलता को दर्शाती है, जहां छोटी-छोटी समस्याओं का बढ़ना व्यापक सामाजिक संकट के रूप में सामने आ सकता है। इसलिए सुचारू जल निकासी और सामुदायिक सहयोग बेहद जरूरी है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से आपसी सौहार्द बनाकर रखने की अपील करते हुए कहा कि विवादों को बातचीत और समझौते से ही सुलझाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की असुविधा न हो।
यह मामला ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और सामाजिक समस्याओं को भी उजागर करता है, जिन पर आबादी और सरकार को ध्यान देने की आवश्यकता है।
समापन में कहा जा सकता है कि रतना का गुड़ा गांव और आसपास के क्षेत्र के लिए यह घटना एक चेतावनी है, जिसमें सामूहिक प्रयास द्वारा जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना और समुदाय में स्थिरता कायम करना अनिवार्य है।




