उदयपुर की महिला श्रद्धालु का शिव महापुराण कथा के दौरान हृदयाघात से निधन

भीलवाड़ा, राजस्थान। भीलवाड़ा के मेडिसिटी ग्राउंड में चल रही शिव महापुराण कथा के दौरान उदयपुर निवासी एक महिला श्रद्धालु की आकस्मिक हृदयाघात से मौत हो गई। यह घटना कथा स्थल पर उपस्थित सभी लोगों के लिए मर्मांतक रही और कुछ समय के लिए माहौल में सन्नाटा फैल गया।
जानकारी के अनुसार, मृतका सूरज कंवर, उदयपुर में रहने वाली गोपाल सिंह की पत्नी थी। वे अपने परिवार के साथ कथा सुनने के लिए भीलवाड़ा आई थीं। दोपहर के समय जब कथा लगभग चरम पर थी और श्रद्धालु भक्ति में लिप्त थे, तब अचानक सूरज कंवर को सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिससे परिजन एहतियात के तौर पर चिंतित हो उठे।
स्थानीय प्रशासन और कथा आयोजन समिति के सदस्यों ने तुरंत महिला को अस्थायी चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाया, जो कि कथा स्थल के अंदर ही लगाया गया था। प्राथमिक जांच में डॉक्टरों ने उनकी स्थिति गंभीर पाई और तत्काल महात्मा गांधी चिकित्सालय में उन्हें रेफर कर दिया गया।
महात्मा गांधी चिकित्सालय में उपचार के दौरान सूरज कंवर की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि हृदयाघात या साइलेंट अटैक के कारण ये मृत्यु हुई है।
सूरज कंवर के निधन की खबर से उनके परिवारजनों सहित पूरे कथा स्थल पर शोक की लहर दौड़ गई। आयोजकों ने श्रद्धालुयों से संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं दुखद हैं लेकिन श्रद्धालु अपनी भक्ति और सत्कर्मों में कोई कमी न लाएं।
स्थानीय पुलिस ने मृतका के पारिवारिक सदस्यों से संपर्क कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने मौके से सभी उपलब्ध सुबूत और गवाहों के बयान दर्ज किए हैं।
यह घटना हमें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और हृदय रोग जैसी बीमारियों की गंभीरता को समझने की याद दिलाती है। विशेष अवसरों पर भारी भीड़ और लंबे समय तक बैठने के कारण ऐसे हादसे हो सकते हैं, इसलिए हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।
भीलवाड़ा में चल रही इस धार्मिक कथा में आमतौर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं, और आयोजन समिति सुरक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत रहती है। सूरज कंवर के निधन के बाद समिति ने संबंधित अधिकारियों से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके।
इस दुखद घटना का समाचार सुनते ही उदयपुर सहित आसपास के इलाकों के धार्मिक व सामाजिक संगठन और नागरिकों ने शोक व्यक्त किया है। समाज के विभिन्न वर्गों ने मृतका के परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है और कष्ट की इस घड़ी में परिवार के साथ सहानुभूति जताई है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना को एक संदेश मानते हुए लोगों को हृदय रोगों के प्रति जागरूक रहने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहने की सलाह दी है।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि जीवन अनमोल है और किसी भी समय अप्रत्याशित घटना घट सकती है। इसलिए सभी को अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखना आवश्यक है।



