कोटपूतली

भरतपुर के किसान फसल नुकसान पर मुआवजे की मांग के साथ सड़कों पर

भरतपुर, राजस्थान। हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार भरतपुर जिले के किसान भारी फसल नुकसान की स्थिति से जूझ रहे हैं। गेहूं, सरसों और चने की फसलें अत्यधिक खराब हो गई हैं, जिससे किसानों के जीवन पर गहरा असर पड़ा है। स्थानीय किसानों ने अपने फसलों के क्षतिपूर्ति के लिए सरकार से मुआवजे की मांग की है।

किसानों का कहना है कि इस बार की फसलों को मौसम की अनियमितताओं और समय-समय पर आई बेमौसम बारिश ने काफी प्रभावित किया है। विशेष रूप से गेहूं की फसल लगभग 40-50% तक क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सरसों और चने की फसलें भी किसी से कम नहीं हैं। इस स्थिति के चलते किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

भरतपुर के एक किसान, रामलाल सिंह ने बताया, “हमने अपनी पूरी मेहनत से फसल उगाई थी, लेकिन अचानक आई बारिश और ठंड से हमारी फसलें बर्बाद हो गई। अब हम चाहते हैं कि सरकार हमें उचित मुआवजा दे ताकि हम अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।”

किसानों का यह भी कहना है कि अगर जल्द ही राहत नहीं मिली तो वे आगामी समय में और भी समस्याओं का सामना कर सकते हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से तत्काल सक्रिय होने की अपील की है।

सरकारी अधिकारियों ने भी इस आपदा को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित किसानों की सूची तैयार कर मुआवजे की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की मदद के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कृषि विपणन एवं किसानों के लिए बेहतर बीमा योजना और समय पर सरकारी सहायता उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है ताकि किसान सुरक्षित महसूस कर सकें।

इस प्रकार, भरतपुर के किसान जल्द से जल्द उचित आर्थिक सहायता की अपेक्षा कर रहे हैं ताकि वे अपनी कृषि गतिविधियों को दोबारा सही दिशा में ले जा सकें और आगामी वर्षों में फसल क्षति से बचाव हो सके।

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