LPG संकट: कोटा विधायक ने घरेलू सिलिंडरों की कमी को लेकर दी सफाई, कहा सिलिंडर की नहीं है कमी, जनता में हो रहा है पैनिक
कोटा, राजस्थान। हाल ही में घरेलू रसोई गैस सिलिंडरों की कथित कमी को लेकर शहर में अफवाहें तेज हुईं, जिससे आम जनता में घबराहट की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस मुद्दे पर कोटा के स्थानीय विधायक ने स्थिति की सच्चाई उजागर करते हुए कहा है कि बाजार में सिलिंडरों की कोई कमी नहीं है और यह केवल एक गलतफहमी का परिणाम है।
विधायक ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं स्पष्ट करता हूं कि घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की कोई कमी नहीं है। हमारे पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध हैं और सरकार ने किसी भी प्रकार की समस्या को रोकने के लिए सतत प्रयास किए हैं। जो भी अफवाहें फैल रही हैं, वे निराधार हैं और जनता को बिना वजह घबराने की जरूरत नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार और संबंधित एजेंसियां समय-समय पर डीलरशिप और वितरकों की निगरानी कर रही हैं ताकि सिलिंडर की आपूर्ति में कोई रुकावट न आए। आम ग्राहक को अपने नजदीकी गैस एजेंसी से नियमित रूप से संपर्क बनाए रखना चाहिए और सत्यापित स्रोतों से ही जानकारी लेनी चाहिए।
कोटा शहर में पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और स्थानीय मंचों पर एलपीजी सिलिंडर की कमी को लेकर कई अफवाहें उड़ी थीं, जिनसे आम जनता में पैनिक की स्थिति बन गई थी। इससे बाजार में सिलिंडर की खरीद-फरोख्त में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई, जिससे और भी भ्रम की स्थिति बनी। इस पर नियंत्रण पाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत दखल दिया और लोगों को भ्रमित न होने की अपील की।
विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू गैस सिलिंडर की आपूर्ति शृंखला में कभी-कभार वितरण प्रक्रिया में थोड़ी देरी हो सकती है, लेकिन मात्रा में कमी नहीं होती। वितरकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे हर हाल में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें और किसी भी तरह की कुप्रबंधन को रोकें।
विधायक ने यह भी बताया कि जनता को चाहिए कि वे सिर्फ सरकारी और प्रमाणित गैस एजेंसियों से ही सिलिंडर खरीदें और अफवाहों पर विश्वास न करें। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में एलपीजी की उपलब्धता निरंतर बनी रहे, इसके लिए सरकार ने विभिन्न उपाय अपनाए हैं।
इस प्रकार, कोटा में एलपीजी सिलिंडर की कथित कमी को लेकर फैल रही अफवाहों को ठुकराते हुए विधायक ने जनता से संयम बनाए रखने और सही जानकारी के लिए आधिकारिक चैनलों से जुड़ने की अपील की है। नागरिक इस बात को समझें कि पैनिक से समस्या नहीं सुलझती बल्कि बढ़ती है, इसलिए धैर्य और समझदारी से काम लें।
समाप्ति में यह कहा जा सकता है कि घरेलू सिलिंडर की आपूर्ति क्षेत्र में नियमित और सुनियोजित है, जो सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है। जरूरत है केवल जागरूकता बढ़ाने और गलत सूचनाओं से बचने की।




