स्कूली बच्चों के लिए ग्लोबल मंच: अब प्रदेश के विद्यार्थी साइबर दुनिया में दिखाएंगे अपना हुनर

जयपुर, राजस्थान। आज के डिजिटल युग में प्रदेश के स्कूली बच्चे तकनीकी और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने की दिशा में बड़े कदम उठा रहे हैं। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है और प्रदेश के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों में अंतरराष्ट्रीय साइबर ओलंपियाड – 2026 आयोजित करने के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों को इस प्रतियोगिता में अधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उनका मानना है कि यह ओलंपियाड प्रदेश के विद्यार्थियों को न केवल तकनीकी कौशल विकसित करने का अवसर देगा, बल्कि उन्हें वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने का भी मौका मिलेगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार, इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों में साइबर सुरक्षा, कंप्यूटर ज्ञान और तकनीकी समझ को बढ़ावा देना है, जिससे वे भविष्य के डिजिटल माहौल में बेहतर भूमिका निभा सकें। यह पहल शिक्षा और आईटी के बीच की खाई को कम करने तथा स्कूल स्तर पर छात्रों को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने का प्रयास है।
आदेश के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय साइबर ओलंपियाड में कक्षा 1 से 10 तक के सभी विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। पंजीकरण शुल्क मात्र 130 रुपए रखा गया है ताकि हर वर्ग का छात्र आसानी से इसमें शामिल हो सके। यह शुल्क प्रतियोगिता को सभी के लिए सुलभ और आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाता है।
प्रतियोगिता के तहत विभिन्न स्तरों पर प्रश्नमाला और चुनौतियां प्रस्तुत की जाएंगी, जो छात्रों की तकनीकी ज्ञान, समस्या सुलझाने की क्षमता और साइबर सुरक्षा जागरूकता को मापेंगी। इस तरह की प्रतियोगिताएं न केवल छात्रों की रुचि और सीखने की क्षमता को बढ़ाएंगी, बल्कि उन्हें भविष्य के तकनीकी करियर के लिए भी प्रेरित करेंगी।
राजस्थान के शिक्षा विभाग ने इस पहल को राज्य के शिक्षा प्रणाली में एक क्रांतिकारी बदलाव करार दिया है। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों का दायरा व्यापक होगा और वे डिजिटल दुनिया की चुनौतियों को आत्मसात करने में सक्षम होंगे।
अंततः, यह ओलंपियाड न सिर्फ एक प्रतियोगिता है, बल्कि यह प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाने और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने का एक मंच भी है। प्रदेश के विद्यालयों तथा अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे विद्यार्थियों को इस पहल में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें और भविष्य में तकनीकी क्षेत्र में राजस्थान का नाम रोशन कर सकें।




