राजस्थान पुलिस में हड़कंप: रेत के ‘काले खेल’ का बड़ा खुलासा, विजिलेंस की रडार पर कई बड़े अफसर

भीलवाड़ा, राजस्थान – वस्त्रनगरी के कोटड़ी क्षेत्र में अवैध गारनेट के काले कारोबार का भयंकर धांधली सामने आई है, जिसे स्थानीय पुलिस द्वारा भिलवाड़ा गारनेट माइनिंग स्कैम के नाम से लेबल किया गया है। इस मामले ने केवल भीलवाड़ा के पुलिस विभाग में ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों के बीच भी हलचल मचा दी है।
पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा के निर्देशन में विजिलेंस की विशेष टीम, जिसका नेतृत्व अजमेर से आई जीआरपी एसपी नरेंद्र सिंह कर रहे हैं, ने इस छिपे हुए गिरोह के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इस टीम ने अवैध खनन, रेत के सोने कहे जाने वाले गारनेट की तस्करी और इस काले कारोबार में खाकी व रसूखदारों के गहरे गठजोड़ का खुलासा किया है।
जानकारी के अनुसार, भीलवाड़ा के कोटड़ी क्षेत्र में लंबे समय से गारनेट की खनन गतिविधियाँ जारी थीं, लेकिन वे कानूनी दायरे से बाहर थीं। अफसरों की मिलीभगत के चलते यह कारोबार आसानी से फल-फूल रहा था। विजिलेंस टीम की जांच में पाया गया है कि कुछ बड़े पुलिस अधिकारी, स्थानीय प्रशासनिक कर्मचारी एवं रसूखदार इस अवैध व्यापार में शामिल थे, जिससे अपराध जड़ें मजबूत करता गया।
पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने भीलवाड़ा में तैनात विजिलेंस टीम को निर्देश दिए हैं कि इस मामले की गहराई तक जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में न हों। मामले के खुलासे के साथ ही महकमे में एक अस्थिरता का माहौल बन गया है, क्योंकि कई वरिष्ठ अधिकारी जांच के घेरे में आ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान जैसे राज्य में प्राकृतिक संसाधनों की इस तरह की अवैध खनन गतिविधियां न केवल आर्थिक तंत्र को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि सामाजिक एवं पर्यावरणीय संकट भी उत्पन्न करती हैं। ऐसे मामलों में पारदर्शिता और कड़े नियमों को लागू करना आवश्यक है ताकि गैरकानूनी गतिविधियों को रोका जा सके।
स्थानीय जनता एवं प्रशासन के बीच भी इस मुद्दे को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। भीलवाड़ा की जनता ने विजिलेंस और पुलिस विभाग से न्याय की अपेक्षा जताई है ताकि इस प्रकार की गड़बड़ियों पर अंकुश लगाया जा सके।
अगले कुछ दिनों में विजिलेंस टीम की जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है, जिससे इस गारनेट माइनिंग स्कैम की पूरी सच्चाई सामने आएगी। राज्य सरकार भी इस मामले पर पूर्ण ध्यान केंद्रित किए हुए है और दोषियों को बख्शे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह मामला राजस्थान पुलिस के लिए एक चुनौती है और उम्मीद है कि विजिलेंस की कड़ी कार्रवाई से इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी और राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी।




