कोटा: पुलिसकर्मियों ने डॉक्टर से वसूले लाखों रुपए, किशोरी को भगाकर जबरन कराया गया गर्भपात

कोटा, राजस्थान। कोटा ग्रामीण थाना क्षेत्र में नाबालिग के गर्भपात से जुड़ा डेढ़ साल पुराना मामला अब एक बड़े खुलासे का रूप ले चुका है। एसपी कोटा ग्रामीण की टीम द्वारा की गई जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इस मामले में संलिप्त पुलिसकर्मी डॉक्टर से कार्रवाई करने की बजाय लाखों रुपए की वसूली कर रहे थे।
मामला तब शुरू हुआ जब एक किशोरी को उसके परिवार से दूर लेकर आए एक युवक द्वारा जबरन गर्भपात कराए जाने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी डॉक्टर ने किशोरी का गर्भपात किया था, जो कानूनन नाबालिग के मामलों में सख्त नियमों के अधीन है। बावजूद इसके पुलिसकर्मी ने डॉक्टर पर कार्रवाई करने के बजाय उस से भारी रकम की मांग की और वसूली की।
एसपी कोटा ग्रामीण ने इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को समझते हुए स्वतः संज्ञान लेकर जांच अधिकारी नियुक्त किए। जांच में यह बात भी सामने आई कि इस प्रकार की वसूली पुलिस की कुछ स्तरों पर एक अनदेखी समस्या है। मामले की गंभीरता जानते हुए पुलिस पदाधिकारियों ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी और पुनः ऐसी अनियमितताओं को नहीं होने दिया जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, थाने के उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा रही है जो इस अवैध वसूली में शामिल पाए गए हैं। इसके अलावा, किशोरी के परिवार का भी समर्थन किया जा रहा है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और न्याय प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता रहे।
स्थानीय समाज में इस घटना ने भारी चिंता और सवाल पैदा कर दिए हैं कि जहां पुलिस को न्याय का संरक्षक माना जाता है, वहां खुद के हुए इस कृत्य से जनता का विश्वास डगमगा रहा है। यह घटना एक बार फिर पुलिस सुधार और पारदर्शिता की आवश्यकता को उजागर करती है।
इस प्रकार के मामलों में पुलिस और चिकित्सा विभाग को समन्वित रूप से काम करना चाहिए ताकि नाबालिगों के अधिकार सुरक्षित रह सके और अपराधियों को उचित सजा मिल सके। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे इस प्रकार की किसी भी अनियमितता या गलत व्यवहार की सूचना तुरंत दें ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
कोटा ग्रामीण एसपी ने भी सार्वजनिक तौर पर कहा कि इस मामले की पूरी जांच की जा रही है और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे और पुलिस की छवि को पुनः सम्मानजनक बनाया जाएगा।




