राजस्थान समाचार: प्रतियोगी परीक्षाओं में एसओजी की कड़ी कार्रवाई, 250 संदिग्ध और 30 की रिपोर्ट तैयार

जालोर, राजस्थान। राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर नकल और डमी उम्मीदवारों की सक्रियता बढ़ती जा रही है, जिससे परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह उठने लगे हैं। इस गंभीर समस्या को देखते हुए राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशनल ग्रुप (एसओजी) ने अपनी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। एसओजी ने अब तक लगभग 250 संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान कर उनकी जांच शुरू की है, वहीं 30 उम्मीदवारों के खिलाफ रिपोर्ट भी तैयार कर संबंधित विभागों को भेज दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, जालोर जिले में हाल ही में आयोजित हुई कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के कई मामले सामने आए हैं। खासतौर पर डमी उम्मीदवारों यानी जहां असली अभ्यर्थी की जगह कोई दूसरा व्यक्ति परीक्षा देता है, इस प्रकार के कृत्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एसओजी ने इस मामले में स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम का भी उपयोग शुरू किया है ताकि स्थान पर ही संदिग्ध गतिविधियों को पकड़ा जा सके।
परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एसओजी के अधिकारी लगातार समन्वय बना रहे हैं और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से संदिग्धों की जांच कर रहे हैं। एसओजी के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि “हम किसी भी परिस्थिति में परीक्षा प्रणाली को भ्रष्ट नहीं होने देंगे। सभी संदिग्धों की जांच कर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानीय पुलिस और परीक्षा नियंत्रक के साथ मिलकर एसओजी ने परीक्षा केंद्रों पर चप्पे-चप्पे की निगरानी बढ़ा दी है। संदिग्धों से पूछताछ कर उनकी पहचान पूरी गहराई से की जा रही है ताकि परीक्षा प्रक्रिया में दोषी व्यक्तियों को बेनकाब किया जा सके। फिलहाल, 30 अभ्यर्थियों की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है, जिन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान में ऐसी जांच कार्यवाहियाँ प्रतियोगियों के लिए एक चेतावनी संदेश भी हैं, जिससे परीक्षा के नियमों का उल्लंघन करने वाले घबरा रहे हैं। वे आश्वस्त हैं कि इस कड़ी कार्रवाई से आने वाले समय में परीक्षा में नकल और डमी उम्मीदवारों की संख्या में कमी आएगी।
इस बीच, राज्य सरकार और शिक्षा विभाग भी इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नए नियम लागू करने की योजना बना रहे हैं। वहां ऑनलाइन मॉनिटरिंग, डिजिटल पहचान पचा प्रणाली, और परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाने जैसे कदम पर विचार हो रहा है।
समाज के सभी वर्गों से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने में अपना योगदान दें और परीक्षा प्रक्रिया को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने में सहयोग करें। एसओजी की यह कार्रवाई निश्चित रूप से राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।




