सवाईमाधोपुर

सवाई माधोपुर खबर: रामसिंहपुरा के खेतों में पहुंचा बाघ टी-2407, रेडियो कॉलर लगाकर जंगल में छोड़ा

सवाई माधोपुर। रामसिंहपुरा गांव के खेतों में बाघ टी-2407 के पहुंचने की सूचना से इलाके में हलचल मची। वन विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इस बाघ को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। इसके बाद बाघ का स्वास्थ्य जांच के लिए निरीक्षण किया गया और फिर उसे रेडियो कॉलर लगाकर पुनः रणथंभौर के जंगल में छोड़ दिया गया।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टी-2407 नाम का यह बाघ पिछले कुछ समय से वन क्षेत्र से बाहर खेतों की ओर आ रहा था, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया था। इसी के मद्देनजर विभाग ने पूरी सावधानी बरतते हुए इस बाघ को पकड़ने की योजना बनाई।

टीम ने बाघ को पकड़ने के लिए ट्रेंकुलाइजेशन पद्धति का सहारा लिया, जिससे बिना किसी नुकसान के बाघ को बेहोशी की अवस्था में लाया गया। स्वास्थ्य जांच के दौरान पता चला कि बाघ स्वस्थ है और उसे कोई गंभीर चोटें नहीं आई हैं।

इस कार्रवाई से वन विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि बाघ सुरक्षित रहे और साथ ही स्थानीय किसानों की फसलों को भी सुरक्षा मिल सके। रेडियो कॉलर लगाने से वन विभाग को अब बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने में आसानी होगी, ताकि उसका विचरण सीमित क्षेत्र में रहे और मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति न उत्पन्न हो।

रणथंभौर नेशनल पार्क के अधिकारियों ने कहा कि जंगल की सीमाओं के आसपास बाघों के आने की घटनाएँ बढ़ रही हैं, जिसके कारण वन्यजीवों और स्थानीय लोगों के बीच तालमेल बनाए रखना आवश्यक है। इस दिशा में वे लगातार जागरूकता कार्यक्रम और निगरानी जारी रखेंगे।

स्थानीय किसानों ने वन विभाग की इस त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की और आशा जताई कि आगे भी इसी तरह वन्यजीवों और मानव निवासियों के लिए संतुलन बनाए रखने का काम किया जाएगा। वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगलों के निकट खेतों में सावधानी बरतें और बाघ जैसे वन्यजीवों को परेशान न करें।

यह घटना वन्यजीव सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे यह संदेश गया कि वन विभाग समय रहते उचित कदम उठा रहा है और वन्यजीवों के साथ-साथ मानव जीवन के संरक्षण को प्राथमिकता दे रहा है।

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