पीबीएम अस्पताल की अस्थि रोग विभाग में मरीजों की परेशानी: स्ट्रेचर पर लंबी यात्रा

रायपुर, छत्तीसगढ़। संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल के अस्थि रोग विभाग में गंभीर अव्यवस्थाएं सामने आ रही हैं, जिससे फैक्चर जैसे गंभीर मरीजों को राहत मिलने की बजाय कड़ी परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया, जांच और ऑपरेशन तीन अलग-अलग भवनों में होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को दिनभर इधर-उधर दौड़ना पड़ता है।
अस्पताल के इस बिखरे हुए ढांचे ने न केवल मरीजों की स्वास्थ्य सेवा को प्रभावित किया है, बल्कि चिकित्सक और स्टाफ भी इन व्यवस्था संबंधी कठिनाइयों से त्रस्त हैं। विशेष रूप से ट्रॉमा सेंटर तक पहुंचने के लिए मरीजों को स्ट्रेचर पर लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जो गंभीर स्थिति में मरीजों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
फैक्चर पीड़ित मरीजों को सामान्य रूप से कम हिलने-डुलने की सलाह दी जाती है, लेकिन यहां उनकी स्थिति बिल्कुल विपरीत हो रही है। भर्ती एक जगह, जांच दूसरी जगह और ऑपरेशन कहीं और होने से मरीजों का समय बर्बाद हो रहा है और उनका मानसिक और शारीरिक तनाव भी बढ़ रहा है। परिजन भी मरीजों के साथ बार-बार बेहतर उपचार के लिए स्थान बदलने के कारण थकावट महसूस कर रहे हैं।
डॉक्टर का कहना है कि इस प्रकार की असंबद्ध व्यवस्था से न केवल मरीजों की देखभाल पर असर पड़ता है, बल्कि ट्रॉमा और आपातकालीन स्थिति में त्वरित इलाज देना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में सुधार के लिए कदम उठाने की बात कही है, लेकिन फिलहाल स्थिति जस की तस बनी हुई है।
मरीजों और चिकित्सकों की राय में यदि अस्पताल में सभी संबंधित विभाग एक छत के नीचे आ जाएं, तो मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने के साथ ही समय की भी बचत होगी। इसके अलावा अस्पताल परिसर में स्ट्रेचर समेत अन्य मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता और स्थानांतर की सुव्यवस्था को भी ठीक करने की चूक नहीं होनी चाहिए।
अस्पताल प्रशासन जल्द ही इस समस्या को लेकर विस्तृत समीक्षा और सुधारात्मक कदम उठाने की योजना बना रहा है ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जा सके। फिलहाल, मरीज, तीमारदार और चिकित्सक इस अव्यवस्थित व्यवस्था के चलते बेहद परेशान हैं।




