अजमेर

बेटे की चाह में बनी ठगी की शिकार: दिल्ली से पहुंची राजस्थान, लगा जोरदार झटका

अजमेर, राजस्थान। अजमेर में बच्चा गोद लेने के नाम पर एक महिला ठगी की शिकार हुई है। दिल्ली की रहने वाली महिला ने बेटे की चाह में साइबर ठगों के जाल में फंसी और उसकी मेहनत की कमाई 90 हजार रुपए ठगों के हाथों चूक गई। इस पूरे मामले ने अजमेर शहर में पुलिस विभाग की सक्रियता और साइबर अपराध के प्रति जनता की जागरूकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीड़िता ने बताया कि वह लंबे समय से बेटे को गोद लेने की इच्छा रखती थी। इसी दौरान उसे सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक समूह का पता चला जो बच्चों को गोद दिलाने का भरोसा दिला रहा था। आरोपियों ने महिला से संपर्क कर विश्वासपूर्ण बातचीत की और 90 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। इसके बाद जब महिला अजमेर आई तो आरोपियों ने उससे संपर्क पूरी तरह तोड़ लिया।

पीड़िता ने रामगंज थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने बताया कि ऑनलाइन ठगी का जुर्म एक संगठित गैंग की तरफ से किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस ठगी की वारदात ने कई परिवारों के लिए चेतावनी की घंटी बजा दी है।

अजमेर पुलिस अधीक्षक ने कहा, “हम साइबर ठगी के मामलों को गंभीरता से ले रहे हैं। ऐसे मामलों में ठगों को बेनकाब करने के लिए तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। लोगों से आग्रह है कि गोद लेने या बच्चों से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया के लिए केवल सरकारी और मान्यताप्राप्त संस्थाओं का ही सहारा लें और ऑनलाइन ट्रांज़ेक्शन करते समय अत्यंत सावधानी बरतें।”

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे गोद लेने की प्रक्रिया में कभी भी केवल ऑनलाइन भरोसे पर पैसा भेजना जोखिम भरा हो सकता है। कानून के अनुसार गोद लेने के लिए निर्धारित सरकारी प्रक्रिया को ही अपनाना चाहिए। साइबर ठग इस प्रकार के भावनात्मक विषय को टार्गेट करके होशियार लोगों को फंसा लेते हैं।

यह मामला अजमेर के लिए एक सबक के रूप में सामने आया है, जिससे साफ है कि तकनीकी युग में भी हमारी जागरूकता सबसे बड़ी सुरक्षा है। पीड़िता का कहना है कि इस घटना से उन्होंने बहुत कुछ सीखा है और समाज के अन्य लोगों को भी आगाह करना चाहती हैं ताकि कोई और इसी तरह की ठगी का शिकार न बने।

इस बीच राजस्थान पुलिस ने भी इस मामले को लेकर साइबर अपराध थाना को अलर्ट जारी कर दिया है ताकि शहर में ऐसी ठगी की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। अजमेर के नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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