धौलपुर

तीन माह से पत्थर की खदानें बंद, गैंगसा पर ताले और श्रमिकों का पलायन

गैंगसा, मध्यप्रदेश – गैंगसा क्षेत्र के पत्थर खदानों का हाल बदहाल है, जहां तीन माह से खदानें पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि खदानों के गेटों पर ताले लटका दिए गए हैं, जिससे न केवल उद्यमी परेशान हैं बल्कि श्रमिक भी स्थायी रूप से पलायन कर रहे हैं।

गत दिनों गैंगसा के उद्यमियों ने राजाखेड़ा के विधायक से अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि खदानें बंद होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। श्रमिकों के रोजगार छूटने के कारण इनका जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। उद्यमियों ने तत्काल समस्या का समाधान निकालने के लिए विधायक से हस्तक्षेप की मांग की है।

एक उद्योगपति ने बताया कि खदानों के संचालनों पर सरकारी नियमों और अनियमितताओं के कारण अनिश्चितता बनी हुई है। इसके चलते उत्पादन रूक गया है और निवेश का वातावरण खराब हो गया है। साथ ही, श्रमिकों का पलायन हो रहा है, जिससे उपलब्ध मानव संसाधन कम हो रहे हैं और पुनः व्यवसाय शुरू करने में बाधा आ रही है।

विधायक ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को जांच का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इस संकट से निपटना प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि नगर और आसपास के इलाकों में रोजगार और आर्थिक स्थिरता बनी रहे। कुछ स्थानीय नेताओं ने भी इस समस्या पर ध्यान दिया है और समाधान के लिए पहल शुरू करने को तैयार हैं।

यह स्थिति न केवल उद्यमियों के लिए चिंताजनक है बल्कि श्रमिक वर्ग के लिए भी गंभीर समस्या खड़ी कर रही है। जहां मजदूरी का साधन खत्म हो गया है, वहीं सामाजिक और आर्थिक अस्थिरता की आशंका भी उत्पन्न हो रही है। इस विषय पर जनजागरूकता बढ़ाने और प्रशासनिक कार्रवाई तेज करने की आवश्यकता है।

स्थानीय प्रतिनिधियों और प्रशासन से अपेक्षा है कि वे शीघ्रता से स्थिति का स्थायी समाधान निकालें ताकि गैंगसा क्षेत्र फिर से आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में उभर सके और रोजगार की समस्या दूर हो सके।

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