आशियानों को घेरती जोखिम: बिजली की लाइनों से सुरक्षा का संकट

पोकरण, राजस्थान। पोकरण कस्बे के पुराने गली-मोहल्लों में वर्षों पूर्व लगा विद्युत नेटवर्क अब सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गया है। पुराने समय में जब कस्बे की आबादी कम थी, तब डिस्कॉम की ओर से विद्युत पोल और तार मकानों से दूरी बनाकर लगाए गए थे। लेकिन अब समय के साथ यहां की जमीन पर बने मकानों की संख्या और ऊचाई में वृद्धि ने विद्युत लाइनों के साथ खतरनाक मेल जोल बढ़ा दिया है।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि पुराने समय में केवल एक मंजिला मकान होते थे, लेकिन अब दो व तीन मंजिला भवन बन चुके हैं और बालकनियों का निर्माण भी बढ़ गया है। विद्युत तार अब सीधे घरों की दीवारों, छज्जों और बालकनियों से टकरा रहे हैं। इससे छोटे बच्चे एवं राहगीरों के लिए गंभीर हादसे की आशंका जताई जा रही है।
डिस्कॉम के तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने बनाए गए विद्युत पोल और तार अब आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं हैं। कस्बे के विकास और नए भवनों की ऊंचाई के मुताबिक बिजली के नेटवर्क में कोई समायोजन नहीं किया गया। इस कारण विद्युत लाइनों की निकटता बढ़ गई है जिसकी वजह से संपर्क में आने पर करंट लगने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय प्रशासन ने इस संबंध में कुछ बार डिस्कॉम से संपर्क कर समस्या बताई है परंतु फिलहाल कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। कई बार विद्युत तारों को ऊंचा करने या स्थानांतरण के लिए अनुरोध किया गया है, लेकिन प्रक्रिया लंबित है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो बड़े हादसे हो सकते हैं। सड़क किनारे चलने वाले किसानों, बच्चों और बुजुर्गों को विद्युत तारों से होने वाले जोखिम को लेकर सतर्क रहना जरूरी है।
इस मुद्दे को लेकर पोकरण के लोगों ने स्थानीय अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे जल्दी से जल्दी विद्युत लाइनों को घरों से सुरक्षित दूरी पर ले जाकर यहां रहने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। साथ ही जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को बिजली की सुरक्षा नियमों के प्रति सचेत करना आवश्यक है।
विधुत विभाग को भी जागरूक होकर पुराने और गैर मानक विद्युत पोलों एवं तारों की मरम्मत, उन्नयन एवं पुनः स्थापना पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
पिछले कुछ वर्षों में कई गावों और कस्बों में विद्युत लाइनों को सुधारने के कार्य हुए हैं जहां भी पुरानी संरचनाएं प्रशासन की चिंता का विषय बनी हुई हैं। पोकरण में भी इसी तरह के सुधार कार्यों की दरकार अब अधिक महसूस हो रही है।
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि बिजली की लाइनों से जुड़ी सुरक्षा संबंधी चिंताएं समय रहते दूर करना आवश्यक है ताकि लोगों को सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार मिल सके और किसी भी प्रकार के हादसे को टाला जा सके।




