राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का नागौर में असर, एक घंटे तक झमाझम बारिश

नागौर, राजस्थान। प्रदेश में सक्रिय हुए मजबूत पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव मंगलवार को नागौर जिले में स्पष्ट रूप से देखने को मिला। सुबह के समय करीब एक घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। भारी बादलों के गर्जन और कड़कड़ाहट के बीच हुई बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई और अप्रत्याशित ठंडक ने अप्रैल महीने में सर्दी जैसा एहसास करा दिया।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ अभी भी सक्रिय है और अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बारिश की संभावना बनी रह सकती है। इस दौरान तापमान में गिरावट आएगी जिससे लोगों को मौसम के अचानक बदलाव का अनुभव होगा।
नागौर में सुबह से ही बादल छाए हुए थे, और ठीक 9 बजे के आसपास तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश में बिजली चमकने और कड़कड़ाहट के साथ जोरदार गरज भी हुई, जो एक घंटे तक लगातार बनी रही। इस बारिश ने खेतों और बागों को ताज़गी प्रदान की है तथा मौसम को खुशनुमा बना दिया है।
स्थानीय जनता ने बारिश को स्वागतम् किया है क्योंकि इससे पिछले कई सप्ताह से चल रही तीव्र गर्मी में राहत मिली है। किसानों ने भी इस बारिश को फसलों के लिए लाभकारी बताया। हालांकि, अचानक आए इस वृष्टि से कुछ इलाकों में जलभराव की समस्या भी देखी गई। प्रशासन ने जल निकासी के लिए तत्परता दिखाई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले दो-तीन दिन तक महसूस किया जा सकता है, जिसके कारण राज्य के अधिकतर हिस्सों में बादलों की आवक और बारिश होती रहेगी। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
इस अप्रत्याशित मौसम बदलाव के कारण नागौर समेत आसपास के क्षेत्रों में गाड़ियों और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सड़कों पर फिसलन और जलभराव के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि नागरिक सुरक्षित रहें।
इस प्रकार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने नागौर जिले में मौसम के सामान्य अंदाज को पूरी तरह से बदलकर लोगों को अप्रत्याशित ठंडक और बरसात का अनुभव कराया, जो अप्रैल के महीने में काफी दुर्लभ है।


