अन्नपूर्णा रसोइयों को मिली 14 सिलेंडरों की मांग में सिर्फ 8 सिलेंडर की मंजूरी

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। अन्नपूर्णा योजना के तहत संचालित रसोइयों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर नई चिंता उत्पन्न हो गई है। संचालकों ने बताया है कि एजेंसी द्वारा प्रति माह केवल आठ सिलेंडर उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए गए हैं, जबकि उनकी वास्तविक आवश्यकता चौदह सिलेंडरों की है। यह कदम रसोइयों के लिए एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है, जिससे खाद्य उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी की तरफ से 14 की जगह 8 सिलेंडर देने का आदेश एक अधिकारी स्तर के बैठक में दिया गया है। संचालकों का कहना है कि यह कमी न केवल उनके दैनिक कामकाज को प्रभावित करेगी, बल्कि ग्राहकों की सेवा में भी बाधा उत्पन्न करेगी। अन्नपूर्णा योजना के तहत भोजन सेवाएं आम जनता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, इसलिए सिलेंडरों की कमी से योजना की कार्यक्षमता में गिरावट आने की संभावना है।
अन्नपूर्णा योजना संचालकों में इस फैसले को लेकर रोष व्याप्त है। उन्होंने सरकार से उचित हस्तक्षेप की मांग की है ताकि एजेंसी द्वारा उपलब्ध कराए गए सिलेंडरों की संख्या बढ़ाकर वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप किया जा सके। संचालकों का यह भी कहना है कि गैस सिलेंडरों की संख्या कम होने से वे भोजन की गुणवत्ता एवं त्वरित वितरण सुनिश्चित नहीं कर पाएंगे।
मौजूदा स्थिति में, संचालकों ने बताया कि वे इस समस्या को लेकर अधिकारियों से वार्ता जारी रखेंगे और समाधान निकाले जाने तक खाद्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कमी न हो, यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि वे एजेंसी के आदेशों की जांच कर रहे हैं और जल्द ही इस विषय में उचित कदम उठाएंगे।
इस पूरे प्रकरण से यह साफ होता है कि अन्नपूर्णा योजना को पूरी तरह से सफल बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता अनिवार्य है। संचालकों और एजेंसी के बीच इस मुद्दे का शीघ्र समाधान न निकलने पर योजना के लक्ष्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जो सीधे तौर पर गरीब और जरूरतमंद वर्ग को प्रभावित करेगा।
सरकारी अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे इस मामले को प्राथमिकता देंगे और सुनिश्चित करेंगे कि अन्नपूर्णा योजना के तहत भोजन बनाने वालों को पर्याप्त गैस सिलेंडर प्रदान किए जाएं ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी सेवाएं दे सकें।




