रणथंभौर में बाघिन ने पानी के खतरनाक मगरमच्छ को मार गिराया, देखने को मिला रोमांचक दृश्य

सवाईमाधोपुर। रणथंभौर टाइगर रिजर्व के जोन नंबर चार के जामुन देह क्षेत्र में रविवार को एक दुर्लभ और रोमांचक घटना देखने को मिली, जिसने वहां मौजूद पर्यटकों की सांसें थम सी गईं। बाघिन टी-111 ‘शक्ति’ ने एक विशाल मगरमच्छ को मार कर जंगल के नियमों को चुनौती दी। यह नजारा न सिर्फ उन पर्यटकों के लिए बेहद खास था जो वहां मौजूद थे बल्कि वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।
रणथंभौर वन्यजीव अधिकारियों के अनुसार, बाघिन शक्ति काफी समय से क्षेत्र में सक्रिय थी और स्थानीय जानवरों के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज करवा रही थी। मगरमच्छ अपने स्वभाव और ताकत के कारण पानी का सबसे खतरनाक शिकारी माना जाता है, लेकिन इस बार इसने बाघिन की तेज़ी और शिकार तकनीक के सामने हार मान ली।
घटना उस समय घटी जब शक्ति एक नदी के किनारे पानी पीने आई, तभी उसने पानी में मगरमच्छ को देखा और तुरंत उसके खिलाफ हमला कर दिया। दोनों के बीच संघर्ष कई मिनटों तक चला, जिसमें शक्ति ने अपनी ताकत का परिचय देते हुए मगरमच्छ को निशाना बनाया। इस दौरान वहां मौजूद पर्यटक और गाइड स्तब्ध रह गए और इस दुर्लभ नजारे को अपनी आंखों से देखा।
वन विभाग के रेंजरों ने बताया कि यह घटना रणथंभौर के जैव विविधता और वन्य जीवन की विशेषता को दर्शाती है। बाघिनों का मगरमच्छ का शिकार करना बहुत कमबीन होता है क्योंकि दोनों के रहस्यमय और अलग-अलग क्षेत्र होते हैं।
पर्यटकों ने इस अवसर को यादगार बताया और कहा कि प्रकृति के इस अनूठे संघर्ष को देखकर उनका रोमांच चरम पर पहुंच गया। वन्यजीव विशेषज्ञ भी इस घटना को जंगल के पर्यावरण तंत्र और प्राकृतिक संतुलन की एक झलक मान रहे हैं।
इस मौके पर वन विभाग ने पर्यटकों से जंगल के नियमों का पालन करने की अपील की ताकि इस तरह की नजारों का संरक्षित और सुरक्षित रूप से अनुभव किया जा सके। रणथंभौर टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के लिए देश-विदेश में जाना जाता है, और इस घटना ने इसे और भी खास बना दिया है।
अंततः यह घटना न केवल रणथंभौर की रोमांचक कहानियों में एक नया अध्याय जोड़ती है, बल्कि वन्य जीवन के संरक्षण और अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी।




