शहर का हृदय स्थल गोपा चौक बना अव्यवस्थाओं का गढ़, जाम और गंदगी से लोग परेशान

जैसलमेर, राजस्थान
जैसलमेर शहर के हृदय स्थल के रूप में विख्यात गोपा चौक इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं का केंद्र बन गया है। शहर के व्यस्ततम मार्गों को जोड़ने वाला यह चौक अब जाम, गंदगी और असभ्य यातायात व्यवस्थाओं की वजह से आम लोगों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गया है।
गोपा चौक से गड़ीसर मार्ग, सदर बाजार, सोनार दुर्ग का प्रवेश द्वार, शिव मार्ग, ढिब्बा पाड़ा और पंसारी बाजार जैसे महत्वपूर्ण रास्ते जुडे़ हुए हैं। इस वजह से दिनभर यहां वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। हालाँकि चौक का यह व्यस्त होना आम बात है, लेकिन पार्किंग की स्पष्ट व्यवस्था न होने के कारण अनियंत्रित वाहन सड़क पर ही बेतरतीब रूप से खड़े किए जाते हैं। जिसके कारण मार्ग अत्यंत संकरा हो जाता है और इससे न केवल पैदल चलने वालों को बल्कि दुपहिया वाहन चालकों को भी असुविधा झेलनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गोपा चौक में ट्रैफिक जाम की समस्या विकराल होती जा रही है। हाईटेंशन बिजली के खंभों के आसपास गंदगी और कूड़ा-करकट भी लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे साफ-सफाई का पूर्ण अभाव प्रतीत होता है। इससे न केवल चारों ओर बदबू फैलती है, बल्कि शहर के दर्शनीय स्थलों और बाजार क्षेत्रों की छवि पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।
नगर निगम के अधिकारीयों द्वारा अब तक चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण स्थानीय दुकानदार और राहगीर दोनों ही नाराज हैं। कई बार अनुरोध के बावजूद भी पार्किंग के लिए उचित प्रबंध नहीं किए गए। इससे बड़ी संख्या में वाहन चालक सड़क किनारे पार्किंग कर देते हैं, जिसके कारण मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ता जाता है।
विशेषज्ञों की माने तो गोपा चौक में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या को दूर करने हेतु समर्पित पार्किंग क्षेत्रों का निर्माण आवश्यक है। साथ ही यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराकर ही समुचित सुधार लाया जा सकता है। नगर निगम को चाहिए कि जल्द से जल्द इस दिशा में प्रभावी और दीर्घकालिक समाधान निकाले ताकि शहर के दिल से जुड़ी इस महत्वपूर्ण जगह का स्वरूप सुधर सके और यहाँ आने वाले नागरिकों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
इस बीच, स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के बीच बेहतर संवाद और सहयोग की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है ताकि गोपा चौक फिर से एक व्यवस्थित और सुरक्षित स्थान के रूप में उभर सके।




