मेडिकल स्टूडेंट की पढ़ाई पर संकट, ठेकेदार ने रोका नागौर कॉलेज का निर्माण

नागौर, राजस्थान। नागौर जिले के प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेज के निर्माण में अचानक आई रुकावट से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी है। करोड़ों की लागत से बनाए जा रहे इस मेडिकल कॉलेज के एकेडमिक ब्लॉक, हॉस्टल और प्रयोगशालाओं का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। ठेकेदार के निर्माण कार्य बीच में रोक देने से कॉलेज की बुनियादी सुविधाएं पूर्ण नहीं हो पा रही हैं, जिससे यहां पढ़ाई कर रहे मेडिकल स्टूडेंट गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं।
इस मेडिकल कॉलेज में अभी दो बैचों का प्रवेश हो चुका है, लेकिन वे छात्र ऐसे परिसर में पढ़ाई करने को मजबूर हैं जहां जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। छात्रों को कक्षाओं और प्रयोगशालाओं के अभाव में पढ़ाई बाधित हो रही है। साथ ही हॉस्टल की हालत भी ऐसी है कि कई छात्रों को बाहर से आवास की व्यवस्था करनी पड़ रही है। इससे उनकी पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि ठेकेदार की वित्तीय और तकनीकी समस्याओं के कारण निर्माण कार्य रुक गया है। कॉलेज में अधूरे निर्माण की वजह से कई महत्वपूर्ण सुविधाएं जैसे कि लैब उपकरण, पुस्तकालय और क्लासरूम भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। छात्र संगठन भी इस स्थिति को लेकर चिंता जता चुके हैं और जल्द से जल्द कार्य पुनः शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
मेडिकल शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण सीखने के लिए उचित वातावरण आवश्यक है। अधूरे भवन और अधूरी सुविधाएं छात्रों के लिए गंभीर बाधा बन रही हैं। इससे उनकी पढ़ाई और भविष्य की करियर संभावनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि ठेकेदार के साथ बातचीत जारी है और जल्द ही निर्माण कार्य को पुनः शुरू कराने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही कॉलेज परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं पूरी कर दी जाएंगी ताकि छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके और वे अपने मेडिकल अध्ययन पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर सकें।
इस बीच, छात्रों और अभिभावकों ने भी सरकार से अधिक सतर्कता बरतने और मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने की अपील की है ताकि मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित न हो और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।




