चूरू

RBSE 10वीं परिणाम : तीन टॉपर्स, 99% अंक के साथ चूरू में बेटियां बनी नंबर वन

चूरू, राजस्थान – राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने मंगलवार दोपहर दसवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही जिले के 36,758 छात्र-छात्राओं का लंबे समय से इंतजार खत्म हो गया। इस बार भी चूरू के छात्र-छात्राओं ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। खास बात यह रही कि इस बार भी बेटियों ने बेटों को पीछे छोड़ते हुए जिले में टॉप पोजीशन हासिल की है।

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की इस बार की दसवीं बोर्ड परीक्षा में कुल 19,120 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी, जिनमें 17,910 विद्यार्थी सफल घोषित किए गए। इस हिसाब से इस वर्ष चूरू जिले का छात्र पास प्रतिशत 93.67 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्षों के मुकाबले उल्लेखनीय सुधार दर्शाता है।

चूरू जिले में इस बार 99 प्रतिशत अंकों के साथ तीन छात्रों ने टॉप किया है, जिनमें सभी छात्राएं शामिल हैं। इन टॉपर्स की उपलब्धि ने जिले के शैक्षिक स्तर को एक नया मुकाम दिया है। इस सफलता के पीछे छात्रों की कड़ी मेहनत और शिक्षकों के समर्पित प्रयासों का बड़ा योगदान माना जा रहा है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार के परिणाम में सुधार का मुख्य कारण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई का बेहतर समन्वय रहा है। साथ ही, कोविड-19 महामारी के दौरान भी क्षेत्र में पढ़ाई के लिए प्रभावी कदम उठाए गए, जिससे विद्यार्थियों को उपलब्ध संसाधनों का लाभ मिला।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा, “हम जिले के सभी छात्रों खासकर बेटियों की इस उत्कृष्ट सफलता पर गर्व महसूस करते हैं। यह साबित करता है कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। हम आगे भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।”

साथ ही उन्होंने छात्रों को आगामी कक्षाओं के लिए मार्गदर्शन दिया और कहा कि परिणाम के आधार पर निरंतर मेहनत और लगन से उच्च शिक्षा हासिल की जा सकती है। शिक्षा के माध्यम से ही सामाजिक व आर्थिक उन्नति संभव है, इसलिए विद्यार्थियों को पढ़ाई में निरंतर सक्रिय रहना चाहिए।

यह परिणाम न केवल चूरू जिले, बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गर्व का विषय है। बेटियां प्रथम स्थान हासिल करके यह संदेश देती हैं कि शिक्षा का कोई लिंग भेद नहीं होता और सभी प्रतिभाएं समान रूप से चमक सकती हैं।

अंततः, इस दसवीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम ने सभी छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और प्रशासन को प्रेरित किया है कि शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण और कड़ी मेहनत से सफलता सुनिश्चित की जा सकती है। जिले में शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए आगामी प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

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