झुंझुनूं में व्यापारी व चालक का अपहरण, कार की पिछली सीट पर बंधे थे

झुंझुनूं, राजस्थान। जिले के भोजासर गांव में व्यापारी सुरेंद्र और उनके कार चालक महिपाल का अपहरण कर 20 लाख रुपए की फिरौती मांगने के मामले में हरियाणा पुलिस ने जल्द कार्रवाई कर बड़ी सफलता हासिल की है। लोहारू सीआईए स्टाफ ने तत्परता से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर दोनों को सकुशल मुक्त कराया है।
जानकारी के अनुसार सुरेंद्र, जो लगभग 60 वर्षीय व्यापारी हैं, जयपुर से अपने गांव लौट रहे थे। घोड़ीवारा के पास उनकी गाड़ी को अचानक चार-पांच अपराधियों ने रोका। आरोपियों ने पिस्तौल की नोक पर डरा-धमकाकर कार की चाबी छीन ली और सुरेंद्र व उनके चालक महिपाल को जबरन कार की पिछली सीट पर बैठाकर उनके हाथ बांध दिए।
बदमाशों ने दोनों के साथ मारपीट की, मोबाइल फोन और नगदी लूट ली और परिवार को व्हाट्सऐप कॉल के माध्यम से 20 लाख रुपए की फिरौती की मांग की। घटना के वक्त परिजन सन्न रह गए। सूचना मिलते ही झुंझुनूं पुलिस हरकत में आ गई और हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर तलाश शुरू की।
लोहारू डीएसपी संजीव के अनुसार, संदिग्ध वाहन की लोकेशन मिलने पर सीआईए टीम ने ओवरब्रिज क्षेत्र में घेराबंदी की। जब पुलिस ने गाड़ी को रोकने की कोशिश की तो आरोपी पुलिस वाहन को टक्कर मारकर भागने की कोशिश में लगे। इसके बावजूद पुलिस ने चोरी-छुपे तीन आरोपियों रोहित, कृष और नीतीश को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने व्यापारी सुरेंद्र और महिपाल को सुरक्षित पाया, जो हाथ बंधे हुए और कार की पिछली सीट पर बंधे हुए थे। इसके साथ ही एक अवैध पिस्तौल, मैगजीन, तीन जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन तथा नकदी भी बरामद हुई। गिरफ्तार किए गए आरोपी हरियाणा के चरखी दादरी जिले के निवासी हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और मामले में अभी भी दो अन्य बदमाशों की तलाश जारी है। अपहरण की यह वारदात इलाके में सुरक्षा के सवाल उठाती है। पुलिस सतर्कता से इस गंभीर मामले को सुलझाकर परिवार को बड़ी राहत दी है। पूरे क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता को सराहा जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के महत्व को भी रेखांकित करती है।



