अंतरराष्ट्रीय गाजर दिवस : राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की गाजर की मिठास से है पूरा देश मंत्रमुग्ध, होती है शानदार कमाई

श्रीगंगानगर, राजस्थान। हर साल 4 अप्रैल को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय गाजर दिवस 2003 से आयोजन में है। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की गाजर अपने अनोखे स्वाद और गुणवत्ता के कारण पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां की गाजर आम गाजर की तुलना में लंबी, गहरे सुर्ख लाल रंग की होती है और इसकी मिठास का कोई जवाब नहीं।
श्रीगंगानगर की खास गाजर को उसकी विशिष्टता के कारण देश के लगभग 20 राज्यों में मांग मिलती है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, बिहार, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में यह गाजर बहुत पसंद की जाती है। इसकी खासियत यह भी है कि इसकी गुणवत्ता इतनी उत्तम होती है कि अधिकांश गाजर पंजाब और बिहार के बाजारों में ही बेची जाती है।
स्थानीय किसान और व्यापारी इस गाजर की खेती और बिक्री से अच्छी कमाई करते हैं। गाजर की यह किस्म राजस्थान के मिट्टी और जलवायु के अनुकूल है, जिससे इसकी मिठास और रंग में विशिष्टता बनी रहती है। उस क्षेत्र की किसानों के लिए यह फसल एक महत्वपूर्ण आर्थिक साधन बन गई है।
अंतरराष्ट्रीय गाजर दिवस के मौके पर कृषि विशेषज्ञ भी इस क्षेत्र की गाजर की गुणवत्ता और इसके निर्यात के अवसरों पर चर्चा करते हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि गाजर की खेती को और अधिक वैज्ञानिक तरीके से प्रोत्साहित करने पर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
साथ ही, त्योहार के दिन गाजर की पोषण संबंधित जागरूकता 캠्पेन भी आयोजित किए जाते हैं, ताकि लोगों को इसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी मिल सके। गाजर में मौजूद विटामिन ए, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। इसलिए श्रीगंगानगर की गाजर सिर्फ व्यापारिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इस प्रकार, अंतरराष्ट्रीय गाजर दिवस न केवल एक उत्सव है बल्कि राजस्थान की स्थानीय गाजर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का जरिया भी बन गया है। किसान इस दिन विशेष तौर पर इस उपज का उत्सव मनाते हैं और किसानों की मेहनत को सराहा जाता है।




