प्रदेश के स्कूलों में मनाया जाएगा ऋषभ पखवाड़ा, भगवान ऋषभदेव की स्तुति से गूंजेंगे विद्यालय

जयपुर, राजस्थान। राजस्थान के सभी विद्यालयों में इस बार नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत एक विशेष आयोजन के साथ होगी। प्रदेश के स्कूलों में 1 से 15 अप्रैल तक ऋषभ पखवाड़ा मनाया जाएगा, जिसमें भगवान ऋषभदेव की स्तुति के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह पहल शिक्षा विभाग द्वारा न केवल विद्यार्थियों को संस्कृति और धर्म से जोड़ने की कोशिश है, बल्कि उनमें समर्पण और श्रद्धा की भावना भी विकसित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम मानी जा रही है।
प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने सभी संयुक्त निदेशकों को इस संदर्भ में आदेश जारी किए हैं कि सभी स्कूलों में तीर्थंकर दिवस ऋषभ नवमी के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और उनकी शुरुआत भगवान ऋषभदेव की स्तुति से हो। इस दौरान अनुसूचित कार्यक्रमों में संस्कृत नाटकों, कविता पाठ, चित्रकला प्रतियोगिताओं एवं धार्मिक व सामाजिक विषयों पर चर्चा सम्मिलित हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से यह कदम विद्यार्थियों में धार्मिक तथा सांस्कृतिक ज्ञान बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को न केवल जीवन मूल्यों से अवगत कराते हैं, बल्कि उनमें नैतिकता, सदाचार और अनुशासन की भावना भी मजबूत होती है।
इसके अलावा, विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे पखवाड़े के दौरान स्कूलों की साफ-सफाई, पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम भी आयोजित करें। इस तरह यह आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होगा।
राजस्थान के विभिन्न जिलों में स्कूलों में इस आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और शिक्षक समुदाय भी इस पहल का स्वागत कर रहा है। लक्ष्य है कि इस ऋषभ पखवाड़ा के माध्यम से लाखों छात्र-छात्राएं अपने सांस्कृतिक विरासत को समझें और सकारात्मक दिशा में कदम बढ़ाएं।
सरकार की यह पहल प्रदेश में शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक जागरूकता को भी बढ़ावा देने के लिए अहम मानी जा रही है, जिससे विद्यार्थी न केवल पढ़ाई में सफल हों बल्कि समाज के संवेदनशील और जिम्मेदार सदस्य भी बनें।




