धौलपुर

रसद विभाग ने दो पेट्रोल पंपों के स्टॉक की जांच के दौरान अवैध रिफिलिंग पर की कार्रवाई

धौलपुर, राजस्थान। इरान-इजरायल और अमेरिका के युद्ध के कारण एलपीजी तथा फ्यूल ऑयल की आपूर्ति संकट से निपटने के लिए जिला रसद विभाग ने कड़ी सतर्कता बढ़ा दी है। जिले में पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडरों की लगातार सुचारू आपूर्ति तथा अवैध संग्रहण एवं कालाबाजारी को रोकने हेतु जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी के नेतृत्व में विशेष प्रवर्तन जांच दल सक्रिय रूप से जांच कर रहा है।

गुरुवार को इस दल ने सैंपऊ एवं बसेड़ी क्षेत्र में संदिग्ध प्रतिष्ठानों की जाँच की, जिनमें दो पेट्रोल पंप भी शामिल थे। इन स्थानों पर अवैध रिफिलिंग की आशंका के आधार पर जांच की गई ताकि आपूर्ति श्रृंखला में गड़बड़ी एवं कालाबाजारी को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त 6 होटल और रेस्टोरेंट की भी जांच की गई, लेकिन घरेलू सिलेंडर नहीं मिले।

जिला रसद विभाग के अनुसार एलपीजी के व्यावसायिक कनेक्शन लगभग 49 हैं, जबकि रिफिलिंग की संख्या केवल 20 से 22 के बीच हो रही है। इससे यह संदेह उत्पन्न होता है कि घरेलू सिलेंडरों का गैरकानूनी उपयोग हो रहा है। इसी कारण विभाग ने विशेष जांच और मॉनिटरिंग को तेज कर दिया है जिससे आपूर्ति में व्यवधान न आए और आम जनता को कोई परेशानी न हो।

जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी ने प्रेस वार्ता में कहा कि वर्तमान जटिल वैश्विक स्थिति को देखते हुए विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है कि एलपीजी और अन्य ईंधन की कीमतों और उपलब्धता पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। साथ ही उन्होंने अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

पेट्रोल पंपों और गैस डीलरशिप की नियमित जांच से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि ईंधन की कालाबाजारी न हो और उचित मात्रा में सभी नागरिकों को आवश्यक संसाधन मिलें। जिला प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे किसी प्रकार की अवैध कारोबार की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।

इस दौरान जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीजी की रिफिलिंग और वितरण में फंसे हुए लोग परेशान न हों, विभाग समय-समय पर उनके हितों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाता रहेगा। इस अभियान के तहत भविष्य में भी इसी प्रकार की जांच जारी रखने का निर्णय लिया गया है जिससे क्षेत्र में ईंधन आपूर्ति में पारदर्शिता बनी रहे।

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