जिंदगी रोक रही थी कदम, मौत ने जबरन बस तक पहुंचाया

हनुमानगढ़, राजस्थान
हनुमानगढ़ जिले के किशनगढ़ मेगा हाइवे पर रावतसर-बरमसर मार्ग पर मंगलवार को हुए एक गंभीर सड़क हादसे में घायल धर्मेंद्र वर्मा (39) की बुधवार को राजकीय पीबीएम चिकित्सा संस्थान में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। घटना में मरने वालों की संख्या अब छह हो गई है।
जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र वर्मा, जो सैक्टर छह हुडको कॉलोनी के निवासी थे, जयपुर से हनुमानगढ़ पहुंचे थे और मंगलवार को कंपनी की एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए फिर से जयपुर जा रहे थे। उस दिन, धर्मेंद्र को अपनी बस जंक्शन पर छूटती देखना पड़ा, लेकिन बाद में उन्होंने टाउन जाकर बस पकड़ी। किस्मत ने उनका पूरा साथ नहीं दिया और देर रात करीब उस समय वह उसी बस में सवार थे जो ट्रक से टकरा गई।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह दुर्घटना तब हुई जब श्रीगंगानगर से जयपुर जा रही निजी बुलेट वोल्वो बस, ट्रक का ओवरटेक करने के प्रयास में सामने से आ रहे ट्रक से आमने-सामने भिड़ गई। इस भीषण टक्कर में मौके पर पांच यात्रियों की मौत हो गई थी और आधा दर्जन यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में धर्मेंद्र वर्मा ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ितों के साथ संपर्क कर राहत एवं सहायता कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, धर्मेंद्र की मौत की खबर से मोहल्ला-बासिन्दे शोकाकुल हैं। मंगलवार को जब धर्मेंद्र बस से घर लौटे थे तो किसी को भी अंदेशा नहीं था कि उनकी जिंदगी इतनी जल्दी समाप्त हो जाएगी।
पुलिस ने कहा कि बस के चालक द्वारा ओवरटेक के दौरान सावधानी न बरतने से यह दुर्घटना हुई। अधिकारियों ने सभी यात्रियों को सुरक्षित रहने के लिए जागरूक रहने की सलाह दी है। दुर्घटना की जांच अभी जारी है।
धर्मेंद्र वर्मा के अंतिम संस्कार के दौरान पूरा मोहल्ला द्रवित नजर आया। परिजनों ने कहा कि अचानक हुई इस घटना ने परिवार को बर्बाद कर दिया है। जिंदगी और मौत की इस जंग में धर्मेंद्र की सांसे उस बस को नहीं छोड़ सकीं जो उनकी जिंदगी का हिस्सा थी।
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने को मजबूर करता है कि सड़क सुरक्षा को लेकर हर किसी को सजग रहना जरूरी है, ताकि अनावश्यक जानों के नुकसान से बचा जा सके।



