कचरे के मुद्दे पर ग्रामीणों का लामबंद प्रदर्शन, FIR पर राजनीति का आरोप

श्रीगंगानगर, राजस्थान। निकटवर्ती चक 6 जैड ए में कचरे के डंपिंग प्वाइंट को लेकर किसानों और ग्रामीणों का धरना शुक्रवार को छठे दिन भी जारी रहा। दोपहर बाद हुई बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों का हौसला कमज़ोर नहीं हुआ और वे तिरपाल के सहारे धरना स्थल पर डटे रहे।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर की ओर से डंपिंग प्वाइंट को शिफ्ट करने के निर्देश दिये जा चुके हैं, लेकिन नगर परिषद प्रशासन इन आदेशों की पालना कराने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है। इस बीच संघर्ष समिति के सदस्य राजकुमार सैनी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पुरानी आबादी थाना सीआई को लिखित ज्ञापन देकर अपना पक्ष रखा गया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण है और धरना स्थल खेती के रास्ते पर है, जहां किसानों का फसल क्षेत्र तक पहुंचना आवश्यक है।
सैनी ने आरोप लगाया कि नगर परिषद आयुक्त ने इस रास्ते को सार्वजनिक मार्ग बताते हुए आंदोलन में बैठे किसानों के खिलाफ सरकारी कामों में बाधा डालने का केस दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि यह FIR राजनीति से प्रेरित है और इसके खिलाफ सभी आवश्यक साक्ष्य उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे।
धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि डंपिंग प्वाइंट स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए खतरनाक है तथा इसे वहां से हटाने के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेशों का सम्मान किया जाए और बिना किसी प्रताड़ना के उनकी समस्याओं को सुना जाए।
मौके पर करीब सौ से अधिक किसान और ग्रामीण मौजूद थे, जिन्होंने नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उनका कहना था कि वे अपनी जमीन और जीवन शैली की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहेंगे। इस आंदोलन को स्थानीय मीडिया ने भी पूरी जागरूकता के साथ कवर किया है, जिससे प्रशासन पर अपनी जिम्मेदारी निभाने का दबाव बढ़ा है।
किसानों और ग्रामीणों की यह आवाज सामने आने के बाद प्रशासन ने फिलहाल कोई ठोस पहल नहीं की है, जिससे संघर्ष समिति के सदस्य और स्थानीय लोग अपने आंदोलन को और तेज करने के मूड में दिख रहे हैं। भविष्य में इस मामले पर उच्च न्यायालय में सुनवाई भी हो सकती है।




