पुलिस को ‘म्यूल हंटर’ अभियान में बड़ी सफलता, सट्टा ऐप से ठगी करने वाली गैंग बेनकाब

नागौर, राजस्थान। जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस की मुहिम तेज होती जा रही है। ‘म्यूल हंटर’ नामक विशेष अभियान के तहत नागौर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा ऐप्स का इस्तेमाल कर ठगी करने वाली एक गैंग का पर्दाफाश किया है। इस सफलता के बाद जिले में साइबर अपराध नियंत्रण की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
पुलिस ने बताया कि लंबे समय से ऑनलाइन सट्टा ऐप्स के माध्यम से लोगों को आकर्षित कर उनकी आर्थिक स्थिति खराब करने वाले गिरोह का पता चला था। इस गिरोह के सदस्य मॉल हंटर अभियान की सक्रियता के कारण पुलिस की नजर में आए। थाने की टीम ने कोतवाली क्षेत्र में छापेमारी कर दो आरोपियों सुनील एवं सुखवीर को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से दो लैपटॉप और नौ मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें ठगी के सबूत दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी सट्टा ऐप तथा ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफार्म पर लोगों को लुभाकर बड़ी राशि की ठगी करते थे। अपराधियों द्वारा बनाए गए फर्जी प्रोफाइल और ऐप के जरिये पीड़ितों को फंसाया जाता था। इस गिरोह ने लाखों रुपए की ठगी की है, जिसकी जांच अभी जारी है। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह कई अन्य जिलों में भी सक्रिय था और उनके कनेक्शन तलाशे जा रहे हैं।
नागौर पुलिस के एसपी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ‘म्यूल हंटर’ अभियान की सफलता से साइबर अपराधियों में सख्ती दिखाई देगी। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें और ऑनलाइन गतिविधियों में सावधानी बरतें। किसी भी संदिग्ध ऐप या वेबसाइट से जुड़ने से पहले उसकी जांच-पड़ताल जरूर करें।
साइबर ठगों के खिलाफ विभिन्न तहसीलों में जागरूकता शिविर भी लगाए जा रहे हैं जिससे आम लोग साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी के तरीकों को समझ सकें। इस अभियान से जिले में तकनीकी अपराधों की गिरावट आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
पुलिस ने बताया कि आगे भी इस तरह की कार्रवाइयां जारी रहेंगी और साइबर क्राइम के खिलाफ कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। गिरोह के अन्य सदस्यों को भी पकड़ने के लिए छानबीन जारी है। नागौर पुलिस के इस अभियान को स्थानीय लोगों ने सराहा है और सुरक्षा के प्रति मजबूत संदेश माना जा रहा है।




