किसानों को खेतों में रखे अनाज को ढकने का मौका भी नहीं मिला, तेज अंधड़ के साथ हुई बारिश

थानागाजी, उत्तर प्रदेश
थानागाजी कस्बा और आसपास के गांवों में शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे मौसम ने एक अचानक बदलाव दिखाया। आसमान में अचानक बादल छा गए, बिजली कड़कने लगी और तेज गड़गड़ाहट के साथ शाम लगभग सात बजे दस मिनट तक मूसलाधार बारिश हुई। यह बेमौसम बारिश किसानों के लिए भारी सावित हुई।
तेज बारिश के कारण खेतों में पड़ी कटी हुई गेहूं, जौ और चने की फसल पूरी तरह भीग गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। साथ ही, खेतों में रखे गए पशुओं के चारे और अनाज भी बारिश में पैदा हो गए। कई किसानों ने फसल को बचाने के लिए पन्नी और त्रिपाल से उसे ढकने का प्रयास किया, किंतु तेज बारिश के कारण इसमें सफलता नहीं मिल पाई।
क्षेत्र में फिलहाल सरसों, जौ, गेहूं और चने की कटाई का कार्य जोरों पर है। कई किसानों ने थ्रेसर का उपयोग कर फसल को बोरियों में सुरक्षित रखने की कोशिश की थी, लेकिन अचानक हुई इस बारिश से कई खेतों में रखी फसल और खलिहान में भंडारित अनाज भीगी। अभी भी कई किसान बारिश के बाद खेतों में इकट्ठा हुई फसल को बचाने के लिए hurried योजनाएं बना रहे हैं।
बारिश के दौरान पानी सड़कों और गलियों में तेजी से जमा हो गया जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी कठिनाई हुई। अंधड़ के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के तार भी क्षतिग्रस्त हुए, जिससे स्थानीय लोगों को बिजली की असुविधा भी झेलनी पड़ी।
मौसम विभाग ने बताया है कि फिलहाल ऐसा कोई बड़ा मौसम परिवर्तन नहीं है, लेकिन किसानों को अपनी बची हुई फसल की देखभाल में सावधानी बरतनी होगी। इस अप्रत्याशित बारिश से किसानों का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञ भी किसानों को फसल की बेहतर देखरेख करने और उपयुक्त संरक्षण उपाय करने की सलाह दे रहे हैं।
इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। स्थानीय प्रशासन को भी जल्द ही स्थिति का जायजा लेकर राहत कार्यों की योजना बनानी होगी ताकि प्रभावित किसानों को आर्थिक एवं तकनीकी सहायता प्रदान की जा सके।




