मौसम अपडेट: पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव तेज, बीकानेर-शेखावाटी में बारिश के आसार, चूरू में हल्की वर्षा दर्ज

चूरू, राजस्थान।
चूरू अंचल में रबी फसलों की कटाई का दौर तेज़ी से चल रहा है, लेकिन मौसम की बदलती चाल किसानों के लिए नई चिंता का विषय बनी हुई है। चैत्र प्रतिपदा से शुरू हुए मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच एक बार फिर क्षेत्र में बारिश की संभावना ने स्थानीय लोगों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
अष्टमी को तेज हवाओं के साथ गरजते बादलों ने क्षेत्र में कमोबेश बारिश दर्ज कराई, हालांकि यह बारिश अधिक मात्रा में नहीं हुई। चूरू जिले में सुबह आठ बजे तक 2 मिलीमीटर और रतनगढ़ में 1 मिलीमीटर बारिश का रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा जिले के अन्य हिस्सों में भी हल्की बूंदाबांदी हुई। फिर भी मौसम विभाग द्वारा जारी यलो अलर्ट ने किसानों के बीच सावधानी बरतने की भावना बढ़ा दी है।
यह समय सरसों और चने की कटाई के अंतिम चरण का है, वहीं गेहूं की फसल पक रही है। कुछ जगहों पर अग्रिम फसलों की कटाई भी जारी है। ऐसे मौसम में अचानक तेज हवाएँ, बिजली कड़कना और बूंदाबांदी होने से कटी हुई फसलों को नुकसान पहुँचने का खतरा बना हुआ है। किसानों ने इससे अपनी फसलों के प्रभावित होने की आशंका जताई है और मौसम विभाग से स्थिति पर नजर रखने का अनुरोध किया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर क्षेत्र में जारी है, जिसके कारण बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं बारिश की संभावना बनी रहेगी। ऐसे में किसानों को मौसम अपडेट नियमित जांचते रहने और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।
चूरू जिले में कृषि गतिविधियाँ ऐसे मौसम का प्रभाव लेकर आगे बढ़ रही हैं, लेकिन बारिश के मद्देनज़र सावधानी बरतना अनिवार्य हो गया है ताकि फसलों को न्यूनतम नुकसान पहुंचे और किसानों की मेहनत सफल हो सके।




