जैसलमेर

अब तक 67 जिला कलक्टरों में केवल 4 महिलाएं, दो ने छह माह का कार्यकाल पूरा नहीं किया

जयपुर, राजस्थान

मारुस्थलीय और सीमावर्ती राजस्थानी जिले जैसलमेर का प्रशासनिक नेतृत्व अब एक महिला IAS अधिकारी के हाथों में है। अनुपमा जोरवाल ने जैसलमेर जिले का 68वां जिला कलक्टर पदभार संभाला है। विदेशी क्षेत्रफल के लिहाज से भारत के सबसे बड़े जिलों में गिने जाने वाले इस जिले के इतिहास में सिर्फ पांचवीं बार कोई महिला कलक्टर बनी हैं।

जैसलमेर का क्षेत्रफल लगभग 38 हजार वर्ग किमी है, जो इसे आकार में एक विशाल जिला बनाता है। इस जिले में प्रशासनिक दिक्कतें तथा मरुस्थलीय परिस्थितियों की चुनौतियाँ आमतौर पर बड़ी होती हैं। ऐसे में अनुभवपूर्ण और सुदृढ़ नेतृत्व की आवश्यकता रहती है। अनुपमा जोरवाल पहले भी लगभग ढाई माह तक इस पद पर कार्य कर चुकी हैं, जो उनके अनुभव और कार्यकुशलता का सबूत है।

जैसलमेर में कार्यरत महिला अधिकारियों का इतिहास संक्षिप्त है। अनुपमा जोरवाल से पहले केवल तीन ही महिलाएं इस पद पर आसीन हुई हैं: शुचि त्यागी, डॉ. प्रतिभा सिंह और टीना डाबी। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जिला स्तर पर महिला नेतृत्व की भागीदारी अभी भी कम है।

इस स्थिति पर नजर डालें तो देश के कुल 67 जिला कलक्टरों में से केवल चार महिलाएं ही इस भूमिका में आई हैं। और इनमें से दो ने छह माह का पूर्ण कार्यकाल भी पूरा नहीं किया। यह तथ्य प्रशासनिक प्रणाली में महिलाओं के लिए चुनौतियों और अवसरों के असंतुलन को दर्शाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, महिला कलक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए यह आवश्यक है कि प्रशासनिक क्षेत्र में महिलाओं को बेहतर समर्थन और प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। इसके साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर कार्य नीति और सहायक वातावरण भी विकसित किया जाए। इससे साढ़े चार वर्ष की सेवा अवधि के दौरान स्थिरता और परिणामस्वरूप बेहतर प्रशासनिक परिणाम सामने आएंगे।

जैसलमेर के सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा, विकास और स्थानीय जनजातीय क्षेत्रों के कल्याण के लिए सक्रिय प्रशासन की जरूरत है। महिला IAS अधिकारी अनुपमा जोरवाल के नेतृत्व में जिले की इस जरूरत को पूरा करने की उम्मीद बढ़ गई है।

इस कदम को न केवल जैसलमेर, बल्कि राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में भी महिलाओं को प्रशासनिक पदों पर आने के लिए प्रेरणा के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है।

अंततः, जैसलमेर जिले में महिलाओं का जिला कलक्टर के पद पर प्रभावशाली कार्यकाल, प्रशासनिक सुधारों और स्थानीय जनता के हितों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

Related Articles

Back to top button