शौक से स्टार्टअप तक: सीए राजकुमारी का ‘यार्निकॉर्न’ सफल व्यवसाय मॉडल बना

चंवरा हाल, श्याम नगर
आज की युवा पीढ़ी पारंपरिक करियर विकल्पों के बीच उलझन में रहती है, लेकिन श्याम नगर स्थित चंवरा हाल की निवासी और सबसे कम उम्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने वाली सीए राजकुमारी पारीक ने अपनी हॉबी को सफल व्यवसाय में बदलकर एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। उन्होंने ‘यार्निकॉर्न’ नामक स्मॉल स्टार्टअप की स्थापना की, जो आज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से हजारों ग्राहकों तक अपनी सेवाएं पहुंचा रहा है।
राजकुमारी ने बताया कि बचपन से उन्हें हथकरघा और क्राफ्टिंग का शौक था। अपने शौक को व्यावसायिक अवसर में बदलने की सोच उन्हें तब आई जब उन्होंने देखा कि बाजार में उच्च गुणवत्ता वाले हैंडमेड यार्न प्रोडक्ट्स की कमी है। इसके बाद उन्होंने यार्निकॉर्न की शुरुआत की, जो विशेष रूप से हाथ से बने यार्न उत्पादों को ऑनलाइन बेचने वाला प्लेटफॉर्म है।
यार्निकॉर्न को शुरू करने के पीछे राजकुमारी का मकसद था कि वह युवा उद्यमियों और हस्तशिल्प कलाकारों को डिजिटल दुनिया से जोड़ सकें और उनके उत्पादों को बड़े पैमाने पर ग्राहकों तक पहुंचा सकें। उनकी इस पहल से न केवल स्थानीय कलाकारों को फायदा हुआ है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी सुंदर और प्रीमियम गुणवत्ता के उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं।
राजकुमारी ने कहा, “मेरी ज्यादातर ग्राहक महिलाएं हैं जो अपने घर को सजाने के लिए या व्यक्तिगत उपयोग के लिए अनोखे यार्न बुनाई उत्पाद पसंद करती हैं। यार्निकॉर्न ने उन्हें ऑनलाइन खरीदारी के सहज विकल्प प्रदान किए हैं।”
यार्निकॉर्न आज सोशल मीडिया के जरिए भी अपनी ब्रांड पहचान बना चुका है। विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर राय और ग्राहक समीक्षा सकारात्मक रहने से इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। राजकुमारी को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह स्टार्टअप भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भी पहुंचेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजकुमारी जैसे युवा उद्यमी स्थानीय शिल्प को तकनीक के साथ जोड़कर नए रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार और निजी संस्थान भी ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न स्कीमों के तहत मदद कर रहे हैं।
सीए राजकुमारी पारीक का यह सफर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो बताता है कि सही दिशा और मेहनत से शौक को कामयाब व्यापार में बदला जा सकता है। उनका यार्निकॉर्न मॉडल एक जीवित उदाहरण है कि नवाचार और मेहनत से कैसे स्थानीय प्रतिभा को वैश्विक मंच मिल सकता है।




