बीकानेर

वेतन न मिलने से थमी व्यवस्था : संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में मायूसी, एसएसबी दो घंटे तक ठप

पटना, बिहार – मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सुपर स्पेशलिस्ट ब्लॉक (एसएसबी) में शनिवार को ठेका कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण दो घंटे तक कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमराती नजर आईं और इलाज के लिए आए मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

एसएसबी में कार्यरत ठेका कर्मचारी वेतन भुगतान, ईपीएफ और ईएसआई जमा न होने के विरोध में सड़कों पर उतर आए। उनका आरोप है कि संबंधित एजेंसी पिछले तीन-चार महीनों से वेतन का भुगतान नहीं कर रही है, जिससे उनका आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। इसका सीधा असर अस्पताल के सुचारु संचालन पर पड़ा।

ठेका कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर व्यवस्थाओं को ठप कर दिया। प्रदर्शन के कारण ट्रीटमेंट में देरी हुई और कई मरीजों को बचाव सेवाओं से वंचित रहना पड़ा। अस्पताल प्रशासन ने इस मामले को लेकर अधिकारियों से बातचीत कर शीघ्र समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि वेतन संबंधी समस्याओं को एजेंसी के साथ बातचीत के माध्यम से जल्द निपटाया जाएगा ताकि कर्मचारियों को उनकी मेहनताना समय पर मिल सके और अस्पताल की सेवाएं बिना बाधा के जारी रह सकें। इससे पहले भी इस प्रकार की समस्याओं का सामना कर्मचारी कर चुके हैं, लेकिन इस बार मामला अधिक गंभीर हो गया है।

स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की परेशानी हर स्थिति में कम से कम हो, इसके लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे। साथ ही वेतन भुगतान की समस्याओं को लेकर राज्य स्वास्थ्य विभाग से भी चर्चा की जाएगी ताकि इस तरह की स्थिति फिर से उत्पन्न न हो।

इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि अस्पतालों में ठेका कर्मचारियों के हितों पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। उनके बिना अस्पताल की दैनिक गतिविधियां सुचारू रूप से नहीं चल सकतीं। कर्मचारियों की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन तथा संबंधित एजेंसी के बीच तालमेल बढ़ाने की जरूरत है।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की मांग है कि वेतन भुगतान में हुई देरी तुरंत ठीक की जाए और भविष्य में भुगतान समय पर हो। उन्होंने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति इस बेरोकटोक देरी के कारण बेहद खराब हो गई है और इसी कारण उन्होंने मजबूरन प्रदर्शन का रास्ता अपनाया।

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, अगली हफ्ते तक वेतन भुगतान और अन्य समस्याओं को सुलझाने के लिए एक बैठक बुलाई जाएगी जिसमें सभी स्टेकहोल्डर शामिल होंगे। तब तक कर्मचारियों और अस्पताल के बीच तनाव बना रहेगा।

यह मामला अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए एक चेतावनी की तरह है कि कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। प्रशासकों को चाहिए कि वे कर्मचारियों की आर्थिक समस्याओं का समाधान कर वेतन भुगतान की नियमित प्रणाली सुनिश्चित करें।

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