दसवीं की टॉपर नंदिनी की मां चेतना ने बताई सफलता के राज, बोलीं कभी ट्यूशन नहीं कराया

दौसा, राजस्थान। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में दौसा जिले की टॉपर नंदिनी विजय ने सफलता के पीछे अपने अनुभव बताए हैं। नंदिनी ने पत्रिका के साथ बातचीत में कहा कि सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है लक्ष्य स्पष्ट रखना और लगातार मेहनत करना। उन्होंने बताया कि जब नवीं कक्षा का परिणाम आया था, उसी दिन पेन से अपने लक्ष्य को दीवार पर लिख दिए थे और उसी दिशा में मेहनत करना शुरू कर दी थी।
नंदिनी मूल रूप से कुण्डल गांव की रहने वाली हैं, लेकिन वर्तमान में दौसा शहर के प्रधान नगर में रहती हैं। उन्होंने दसवीं की परीक्षा में 99.17 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले व क्षेत्र में अपना नाम रोशन किया है। नंदिनी ने बताया कि उन्होंने स्कूल की पढ़ाई के अलावा प्रतिदिन करीब सात घंटे पढ़ाई पर ध्यान दिया। वे अंग्रेजी माध्यम की छात्रा हैं और उनकी मेहनत का परिणाम साफ नजर आता है।
इस उपलब्धि के पीछे किसी तरह का ट्यूशन या अतिरिक्त कोचिंग नहीं है। नंदिनी की मां चेतना ने बताया कि उन्होंने कभी अपनी बेटी को ट्यूशन नहीं कराया। उनका बार-बार कहना था कि संकल्प और अनुशासन से पढ़ाई से बेहतर कोई शिक्षक नहीं होता। साथ ही उन्होंने बताया कि नंदिनी ने सामाजिक मीडिया और मोबाइल से दूरी बनाए रखी। खाली समय में वे बैडमिंटन खेलती थीं, जिससे उनका मन भी तरोताजा रहता था।
नंदिनी विजय का सपना आईआईटी से बीटेक करना है और बाद में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर देश सेवा करना चाहती हैं। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता के लिए मन को एकाग्र रखना जरूरी है, तभी मेहनत रंग लाती है। बाहरी बाधाओं से घबराने की बजाय लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें, सफलता निश्चित ही मिलेगी।
स्थानीय शिक्षकों और परिवार के सदस्यों ने भी नंदिनी की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है और इसे आने वाले समय के लिए एक उदाहरण बताया है। दसवीं की परीक्षा में नंदिनी की सफलता से दौसा जिले में शिक्षा के स्तर को भी बढ़ावा मिला है।



