जयपुर

चेतावनी: 4 अप्रैल को राजस्थान के 16 जिलों में तेज हवाएं और ओलावृष्टि, जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट

जयपुर, राजस्थान। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 4 अप्रैल को राजस्थान के 16 जिलों में तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि की संभावना को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय प्रभाव राज्य के कई हिस्सों में मौसम में जबरदस्त बदलाव ला रहा है, जिससे अगले कुछ दिनों तक तेज हवाएं, बारिश और ओले गिरने की आशंका बनी हुई है।

मौसम केंद्र जयपुर द्वारा जारी बुलेटिन में बताया गया है कि 3 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में एक परिसंचरण तंत्र बन गया है, जिसका प्रभाव राजस्थान पर भी साफ दिख रहा है। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जिसमें श्रीगंगानगर के पदमपुर में 11.5 मिलीमीटर बारिश सबसे उल्लेखनीय रही।

मौसम विभाग के अनुसार इस परिसंचरण के कारण राज्य के ऊपरी व मध्य जिलों में हवाओं की रफ्तार बढ़ जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर ओलावृष्टि होने की संभावना है। विशेषकर जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर, चूरू, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और आसपास के क्षेत्र इस मौसम से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।

यह मौसम परिवर्तन किसानों एवं आम जनता के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। विभाग ने खेतों में फसल सुरक्षा के साथ-साथ बारिश की वजह से ड्रेनॉल व्यवस्था ठीक करने की सलाह भी दी है, ताकि जलभराव जैसी समस्याएं न उत्पन्न हों। साथ ही वाहन चालकों तथा राहगीरों को भी सचेत रहने और मौसम के अनुकूल तैयारी रखने की सलाह दी गई है।

राजस्थान में अप्रैल माह के आरंभ में यह मौसम के बदलाव अनिश्चितताओं को जन्म देते हैं, जो पिछले कुछ वर्षों में मौसम विज्ञान की जटिलताओं का परिचय देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बदलाव सामान्य से भिन्न होते हैं, इसलिए स्थानीय प्रशासन एवं नागरिकों को अग्रिम खबरों के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी दिनों में मौसम की गंभीरता को देखते हुए नियमित अपडेट जारी किए जाएंगे, जिससे जनता उचित कदम उठा सके। इस अलर्ट के कारण हर स्तर पर सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता किया जा रहा है।

प्रदेश के नागरिकों से अनुरोध है कि वे अपने आस-पास के कमजोर स्थानों पर नजर रखें, बच्चों तथा वृद्धजनों को सुरक्षित स्थानों पर रखें एवं बिजली उपकरणों के उपयोग में सावधानी बरतें। ग्रामीण अंचल में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता जताई गई है, जहां ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।

मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी नए अपडेट को तुरंत साझा करेगा। इस प्रकार का ऑरेंज अलर्ट आमतौर पर तब जारी किया जाता है जब किसी इलाके में 6 से 12 घंटे के भीतर मौसम की स्थिति में गंभीर बदलाव आ सकता हो। अतः सभी लोग अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सावधानियां अवश्य अपनाएं।

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