अप्रैल में रणथम्भौर बना पर्यटकों की पहली पसंद, शुल्क वृद्धि के बावजूद बुकिंग पूर्ण

सवाईमाधोपुर। रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान, जो अपनी वन्यजीवन संपदा के लिए विश्वप्रसिद्ध है, इस अप्रैल महीने में पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। टिकट मूल्य वृद्धि के बावजूद यहाँ पर्यटकों का आकर्षण कम नहीं हुआ है, जिसके कारण एडवांस ऑनलाइन बुकिंग पूर्णतया भर चुकी है। यह स्थिति प्रदेश के पर्यटन विभाग के लिए सुखद संकेत है।
रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में टाइगर सफारी के लिए बढ़ाए गए शुल्क के बावजूद पर्यटकों की भीड़ में कोई कमी नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वन्यजीवन के निकट होने का यह अनुभव आम जनमानस के बीच लोकप्रिय होता जा रहा है। अप्रैल माह में भी रिज़ॉर्ट्स और सफारी की बुकिंग लगभग पूरी हो चुकी है, जिससे पर्यटक आने वाले अवकाशों में करंट बुकिंग में टिकट प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर सकते हैं।
पर्यटन विभाग ने बताया कि इस समय पार्क की एडवांस बुकिंग वेबसाइट पर पूरी तरह से बुक हो चुकी है। खासकर त्योहारी छुट्टियों और वीकेंड्स में पार्क में आने वालों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है। जानकारों का कहना है कि एडवांस बुकिंग फुल होने से निराश पर्यटक करंट टिकट लेने के लिए अधिक प्रयास कर सकते हैं, जिससे पार्क परिसर में टिकट काउंटर पर भीड़ बढ़ने के अवसर अधिक हैं।
रणथम्भौर के आसपास के होटल और लॉज भी लगभग पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यटन दोनों को संतुलित करने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे टिकटों के लिए ऑनलाइन बुकिंग का सहारा लें और सीधा टिकट काउंटर पर जाकर मारामारी से बचें।
प्रदेश सरकार ने भी पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु वन्यजीव उद्यानों की सुव्यवस्थित व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है। आने वाले महीनों में रणथम्भौर में अधिक पर्यटकों के आने की संभावना के कारण प्रशासन ने अतिरिक्त सफारी गाइड और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ाई है। इससे यहाँ आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित और संतोषजनक अनुभव प्रदान किया जा सकेगा।
इस प्रकार, रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान की लोकप्रियता और भव्यता में कोई कमी नहीं आई है। टिकट शुल्क में वृद्धि के बावजूद भी यह स्थल अपनी भव्य वन्य जीवन झलक और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए लोगों का पसंदीदा गंतव्य बना हुआ है। ऐसे में पर्यटकों से अपील की जाती है कि वे अपने सफर की योजना पहले से बनाएं और सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए ई-टिकटिंग का लाभ उठाएं।



