राजस्थान: मुर्गी के दाने के बीच छिपा 81 करोड़ का काला खजाना, ट्रक खोलते ही DRI के उड़ गए होश

डीडवाना-कुचामन, राजस्थान। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने नशे के खिलाफ एक बेहद सफलता भरी बड़ी कार्रवाई अंजाम दी है। इस बार की कार्रवाई में दिल्ली DRI की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से स्टेट हाईवे पर नाकाबंदी कर एक ऐसे ट्रक से MDMA ड्रग्स बरामद की जो आज तक की सबसे बड़ी खेप माना जा रहा है। तस्करों ने इस ड्रग्स की खेप को इतनी कुशलता से छिपाया था कि देखकर कोई भी शक नहीं कर पाता।
टीम ने जब ट्रक की तलाशी ली तो पाया कि ड्रम और कट्टों के बीच मुर्गी के फीड (दाने) छिपाए गए हैं और उनमें ड्रग्स भरी हुई हैं। इस चालाकी से ड्रग्स की खेप को छुपाने का तरीका देखकर जांचकर्ताओं के भी होश उड़ गए। बरामद ड्रग्स की कीमत करीब 81 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जो राज्य और केंद्र सरकार दोनों के लिए एक बड़ी सफलता है।
DRI अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई नशे के तस्करों के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद ऐसे अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई चेन को तहस-नहस करना है। स्थानीय पुलिस ने भी इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई और निरंतर निगरानी रखी।
पुलिस ने बताया कि ड्रग्स की खेप को बाहर निकालना आसान काम नहीं था क्योंकि दानों के बीच इसे छुपाने के लिए विशेष सावधानी बरती गई थी। तस्कर इसका उपयोग दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरी इलाकों में नशीली दवाइयों की बिक्री के लिए करते थे।
इस कार्रवाई के बाद से इलाके में डीलरों और तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारी यह उम्मीद कर रहे हैं कि इस बड़ी सफलता के बाद नशे की घटनाओं में कमी आएगी और सामाजिक स्तर पर इसका असर सकारात्मक होगा।
इस पूरे प्रकरण में DRI की तत्परता, स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय और पुराने इनपुट की सहायता से यह बड़ी सफलता मिली है। केंद्र सरकार ने भी इस कार्रवाई की सराहना की है और इसको स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि नशे की रोकथाम के लिए सभी एजेंसियां पूरी ताकत से लगे हुए हैं।
स्थानीय प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों को समय रहते रोका जा सके।
इस बड़ी सूचनात्मक कार्रवाई से यह भी साफ हुआ कि तस्कर अपनी हरकतें छुपाने के लिए किस हद तक नए-नए तरीके अपना रहे हैं, और इसे विफल करने के लिए जिंदादिली से काम करना होगा। राजस्थान समेत देशभर में DRI और पुलिस की पार्टनरशिप इस लड़ाई को मजबूत बनाए रखेगी।



