ब्यावर में माइनिंग टीम के ड्रोन तोड़े गए, महिला फोरमैन-इंजीनियर को घेरकर पीटा

ब्यावर, राजस्थान
ब्यावर जिले में खान विभाग की टीम पर निवर्तमान सरपंच और स्थानीय ग्रामीणों ने हमला कर दिया। यह टीम माइन धारकों का सर्वे करने आई थी, लेकिन जैसे ही सर्वे शुरू हुआ, पूर्व सरपंच ने टीम के सदस्यों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी टीम के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन किया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पूर्व सरपंच समेत ग्रामीणों ने महिला फोरमैन और अभियंता से भी बदतमीजी और मारपीट की। माइनिंग टीम की गाड़ियों और उनके ड्रोन पर भी पथराव किया गया, जिससे ड्रोन क्षतिग्रस्त हो गया। यह घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों के लिए एक चुनौतीपूर्ण स्थिति बनी।
खान विभाग के अधिकारी इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा कर रहे हैं। उनका कहना है कि टीम केवल माइनिंग संसाधनों का उचित सर्वे करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए वहां आई थी। हिंसा और अशांति से न केवल सरकारी कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि कानून व्यवस्था भी बिगड़ती है।
स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वारदात के पीछे क्या कारण हैं, इसे लेकर अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है, लेकिन यह विवाद क्षेत्र के माइनिंग अधिकारों और जमीन से जुड़ी टकराव की समस्या को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि माइनिंग न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके टिकाऊ विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी जिम्मेदारी की आवश्यकता है। ऐसे विवादों से बचने के लिए सभी पक्षों में संवाद और समझौता आवश्यक है।
यह घटना स्थानीय प्रशासन और खान विभाग दोनों के लिए गंभीर चेतावनी है कि वे सुरक्षा प्रबंधक और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करें ताकि ऐसी अप्रिय स्थितियों से बचा जा सके।
ब्यावर के ग्रामीणों की प्रतिक्रिया और टीम के सदस्यों के बयान अभी प्राप्त किए जा रहे हैं, जिससे पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सके। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया है।
यह घटना माइनिंग के क्षेत्र में संवेदनशील विषयों और स्थानीय हितों के टकराव को फिर से उजागर करती है, जिसे सुलझाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।




