बूँदी

बूंदी : सर्विस रोड से राष्ट्रीय हाइवे पर चढ़ने और उतरने के लिए नहीं दिया गया कोई कट

डाबी, राजस्थान – राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर दुधिकुड़ी कट से लेकर बुधपुरा के बीच सर्विस रोड से हाइवे पर चढ़ने और उतरने के लिए कोई कट न होने की वजह से दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। यह स्थिति स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गई है, जिससे उनके दैनिक आवागमन में भी दिक्कतें आ रही हैं।

परिणामस्वरूप, हाल ही में पराणा के पास एक दर्दनाक दुर्घटना हुई जिसमें सर्विस रोड पर अनियंत्रित ट्रेलर ने तीन मासूमों की जान ले ली। यह हादसा स्थानीय लोगों के लिए चेतावनी स्वरूप है। दुर्घटना की यह घटना यह इंगित करती है कि एनएच 27 पर दुधिकुड़ी से लेकर बुधपुरा तक व बुधपुरा से दुधिकुड़ी तक के संबंधित गांवों में चढ़ने उतरने के लिए कोई व्यवस्थित कट नहीं बनाया गया है।

स्थानीय निवासियों की मांग है कि हाइवे पर सुरक्षित चढ़ाव-उतारवाली सुविधाएं विकास की जाएं ताकि हादसों से बचा जा सके। एनएच 27 पर दुधिकुड़ी से बुधपुरा तक दोनों तरफ के आसपास के गांवों के लिए बनाई गई सर्विस रोड का प्रयोग लोग अपने गांवों से हाइवे पर आने-जाने के लिए करते हैं। लेकिन सर्विस रोड पर श्री गोपाल गोशाला व पराणा गांव के पास कोई कट न होने के कारण सुरक्षा खतरे लगातार बढ़ रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बिना कट के सर्विस रोड से हाइवे पर चढ़ने-उतरने पर वाहन चालक और पैदल यात्रियों दोनों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। इसकी वजह से तेज रफ्तार वाहनों और धीमी गति से चल रहे वाहनों के बीच टकराव की संभावना अधिक हो जाती है। ग्रामीण इलाकों में ऐसे सुधार आवश्यक हैं क्योंकि वे मुख्य मार्गों से जुड़े होते हैं और दैनिक जीवन में उनका बड़ा महत्व होता है।

स्थानीय प्रशासन को जल्द इस समस्या की गंभीरता समझते हुए एनएच 27 के दुधिकुड़ी से बुधपुरा तक के सर्विस रोड के संपर्क स्थलों पर कट की सुविधा प्रदान करनी चाहिए। इससे न केवल दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा बल्कि इलाके के ग्रामीणों का आवागमन भी सुरक्षित और आसान होगा।

इस क्षेत्र में रह रहे लोगों का कहना है कि जब तक प्रशासनिक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक दुर्घटनाएं लगातार होती रहेंगी। इसलिए सरकार और संबंधित विभाग को तुरंत इस पर ध्यान देना आवश्यक हो गया है।

इस मामले में स्थानीय अधिकारियों से प्रतिक्रिया मांगने पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण लोगों की नाराजगी भी बढ़ रही है। आने वाले दिनों में अगर कोई तत्काल सुधार नहीं किया गया तो ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन और अन्य कदम उठाए जाने की संभावना भी है।

राष्ट्रीय राजमार्गों के चारों ओर सुरक्षा के उचित इंतजाम करना शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सुरक्षित यातायात के लिए अनिवार्य है। बूंदी जिले में इस तरह की आवश्यकताओं को नजरअंदाज करना आने वाले समय में और भी अधिक चिंताजनक स्थिति पैदा कर सकता है। इसलिए जल्द से जल्द इस सड़क दुर्घटना रोकने वाले उपायों को लागू करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

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